पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • शहर में 16.4 मीटर खिसका पानी गांवों में 157 नल जल योजनाएं बंद

शहर में 16.4 मीटर खिसका पानी गांवों में 157 नल-जल योजनाएं बंद

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिला प्रशासन के अफसर बार-बार दे रहे निर्देश

पीएचई अफसर नहीं बना रहे जलसंकट से निपटने की कार्ययोजना

भास्कर संवाददाता|भिंड

जिले में जल संकट की आहट होने लगी है। पिछले तीन साल में जल स्तर 16.4 मीटर नीचे चला गया। जाहिर है कि इस बार भी गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत बढ़ेगी। क्योंकि अधिकांश नदी और तालाब सूख रहे हैं। जिले की 157 नल-जल योजनाएं ठप पड़ी हैं। कई हैंडपंप भी खराब हैं, मगर पीएचई ने इसको देखते हुए अब तक कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है।

मालूम हो, कि हर साल गर्मी के सीजन से पहले पीएचई द्वारा कार्ययोजना तैयार की जाती है, ताकि जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस कार्ययोजना के तहत ही गर्मी में पीएचई विभाग काम करता है। जिन इलाकों में पेयजल की अधिक समस्या है, वहां पर टैंकों से भी पानी सप्लाई किया जाता है। खराब हैंडपंप सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। लेकिन जिले में अब तक कार्ययोजना ही तैयार नहीं हुई है, तो जाहिर है कि गर्मी के दिन में होने वाले जल संकट से पीएचई विभाग नहीं निपट पाएगा।

खराब हैंडपंपों को सुधरवाएंगे
खराब हैंडपंप की हर दिन शिकायत मिल रही हैं, इनको सुधरवाया जा रहा है। नल-जल योजनाओं की देखरेख पंचायत को भी करनी होती है। उनको निर्देश जारी किए गए हैं। गौरीशंकर अग्रवाल, अधीक्षण यंत्री पीएचई मुरैना

3 साल पहले जलस्तर था 114.8 मीटर
पीएचई के भिंड एई आरके नवीन ने बताया कि इस समय जिले का जल स्तर करीब 131.2 मीटर है। तीन साल पहले तक यह 114.8 मीटर था। जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

जिले में पीएचई के प्रभारी ईई एमके उमरिया से इन समस्याओं को लेकर बात की गई तो उन्होंने पूरे दिन फोन ही अटेंड नहीं किया। इस मामले में सीई आरएस ठाकुर का कहना है कि ईई को सभी के फोन उठाने चाहिए। वे ऐसा नहीं कर रहे हैं तो उनको अलग से निर्देश जारी करेंगे।

टूट गई नदियों की धारा, कम रह गया पानी
अभी गर्मी का सीजन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जिले की नदियों में धारा टूट चुकी है। स्थिति यह है कि क्वारी, सिंध, बैसली और पहूज नदी में नाम मात्र का पानी नजर आ रहा है। इसके अलावा चंबल नदी का जल स्तर भी काफी कम हो गया है। इनसे आसपास के गांवों में गर्मी के दिनों में जल स्तर नीचे चला जाएगा।

जिले में नलजल योजनाओं की यह है स्थिति
जिले में कुल नलजल योजनाएं संचालित हो रही हैं: 207

इनमें से कुल चालू हैं नलजल योजनाएं हैं सिर्फ : 50

जिले में कुल हैंडपंप 20 हजार 667

जिले में कुल बंद हैंडपंप 1137।

जिले में बारिश की तुलनात्मक स्थिति
जिले की कुल औसत बारिश है: 668.3 एमएम

इस साल कुल बारिश: 422.8 एमएम दर्ज की गई है।

पिछले साल हुई: 372.9 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।

जलस्तर की स्थिति
भिंड: 221 एमएम

पिछले साल: 293 एमएम

अटेर: 458 एमएम

पिछले साल: 269 एमएम

मेहगांव: 531 एमएम

पिछले साल: 341 एमएम

गोहद: 534 एमएम

पिछले साल: 421 एमएम

लहार: 314 एमएम

पिछले साल: 429 एमएम

रौन/मिहोना: 479 एमएम

पिछले साल: 489 एमएम

खबरें और भी हैं...