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पीएचई में 15 लाख का फर्जी भुगतान, जांच कर सौंपे रिपोर्ट

5 वर्ष पहले
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जियोस सदस्य के परिवाद पर सीजेएम ने लिखा एसपी को पत्र

पीएचई ईई व तीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की होनी है जांच

भास्कर संवाददाता | भिंड

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री टीआर शाक्य समेत चार अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 15 लाख हड़प लिए हैं। इस मामले में जिला योजना समिति के सदस्य मनीष दैपुरिया के परिवाद पर सीजेएम ने आदेश जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक से चार मार्च तक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तलब की है। सीजेएम ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत पत्र भी लिखा है।

9 फरवरी को कोर्ट द्वारा जारी आदेश में सीजेएम संजय कुलश्रेष्ठ ने लिखा कि परिवाद पत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री टीआर शाक्य, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री विजयसिंह चौहान, सहायक ग्रेड-2 रामलखन दौहरे तथा समय पालक बीरेन्द्र सिंह कुशवाह द्वारा फर्जी तरीके से भुगतान प्राप्त कर लिया। परिवाद में माप पुस्तिका (एमबी ) क्रमांक 1173 पर फर्जी हस्ताक्षर द्वारा ठेकेदार को 15 लाख का भुगतान कराया गया है। इस बारे में उपयंत्री केएन शर्मा द्वारा तत्कालीन कार्यपालन यंत्री टीआर शाक्य को 18 नवंबर 2014 को पत्र लिखकर इस आशय का निवेदन किया था कि यह भुगतान न किया जाए, इसके बाद भी भुगतान किया गया है। परिवाद में माप पुस्तिका 1083 और 1173 को फर्जी तरीके से तैयार कराया गया था। यह जानकारी अधिकारियों को थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।

पुलिस अधीक्षक कराएं जांच

सीजेएम श्री कुलश्रेष्ठ ने परिवाद पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि परिवाद में वर्णित तथ्यों की जांच कराया जाना उचित है इसीलिए पुलिस अधीक्षक अपने स्तर पर प्रारंभिक जांच कराकर रिपोर्ट 4 मार्च तक न्यायालय में पेश करें।

उपयंत्री ने भी पुलिस से किया था निवेदन
परिवाद में कहा गया कि उपयंत्री केएन शर्मा ने भी पुलिस से कहा था कि विभाग में कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए हैं, इस मामले में कार्रवाई की जाए, लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ भी नहीं किया इसीलिए न्यायालय में परिवाद पेश करना पड़ा।

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