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ईई पर 10 करोड़ के घाेटाले का अारोप, पुलिस ने कोर्ट को तय समय में नहीं सौंपी रिपोर्ट

7 वर्ष पहले
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जिला योजना समिति के सदस्य फूफ नगर पंचायत उपाध्यक्ष मनीष दैपुरिया ने कोर्ट में दायर की थी याचिका।

भास्करसंवाददाता| भिंड

पीएचई(लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) में निर्माण के नाम पर ईई टीआर शाक्य पर 10 करोड़ रूपए के घोटाले का अरोप है। इस मामले में देहात थाना पुलिस ने कोर्ट को अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौपी है। यह रिपोर्ट 31 अक्टूबर को देनी थी। हालांकि अब जेएमएफसी सिद्धार्थ तिवारी की कोर्ट ने 20 नवंबर को पुलिस को जांच रिपोर्ट के साथ पेश होने के लिए कहा है।

मालूम हो, कि अधिवक्ता रामप्रताप सिंह ने जिला योजना समिति के सदस्य, फूफ नपं उपाध्यक्ष ग्रामीण विकास उप समिति के पीठासीन अधिकारी मनीष दैपुरिया की ओर से 17 अक्टूबर को कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए जेएमएफसी सिद्धार्थ तिवारी की कोर्ट ने मामले की जांच के पुलिस को आदेश दिए हैं। साथ ही, 31 अक्टूबर तक जांच प्रतिवेदन सौंपने के लिए भी कहा था, ताकि जांच प्रतिवेदन के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाए।

अधिवक्ता श्री सिंह ने बताया कि याचिका में कई बिंदु रखे गए थे। इनमें प्रमुख रूप से यह बिंदु हैं कि ईई टीआर शाक्य द्वारा वर्ष 2013-14 में हेंडपंप संधारण हेतु प्लेटफार्म निर्माण, कुआं जीर्णोद्धार, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग हैंडपंप में कंप्रेशर लगवाने आदि के अनियमितता पूर्वक कार्यआदेश जारी किए गए और 10 करोड़ रुपए का चहेते ठेकेदारों को फर्जी भुगतान कर दिया, जबकि इसके लिए ऑनलाइन निविदा होेनी थी। भिंड तहसील के ग्राम बिल्हौरा में हनुमान मंदिर पर पहले से स्थित हैंडपंप का नवीन खनन दर्शाते हुए भुगतान किया गया है। इसके अलावा दूसरे हैंडपंप का भी फर्जी भुगतान किया है। गोहद के मोतीपुरा गांव में नलकूप का खनन कराया गया है, यहां नलकूप संचालन के लिए आज तक तो ट्रांसफार्मर लगा है और ही केबल बिछाई गईं हैं, इसके बावजूद भी वर्ष 2013 में ही ट्रांसफार्मर और केबल के नाम पर फर्जी भुगतान कर दिया है। इस संबंध में भिंड पीएचई के ईई टीआर शाक्य ने बताया कि जो मामला न्यायालय में लगाया है, उस संबंध में पुलिस ने मेरे बयान दर्ज कर लिए हैं। उनके द्वारा जो पूछा गया था, मैंने वह जानकारी दे दी है। वहीं भिंड जिला न्यायालय अिधवक्ता रामप्रताप सिंह का कहना है कि 31 अक्टूबर को मामले में पुलिस को जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी थी, लेकिन पुलिस द्वारा रिप