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ये नाद पांचजन्य का है, प्रार्थना अर्जन की...
भिंड| येनाद पांचजन्य का है, प्रार्थना अर्जन की दिव्यता ब्रह्म की है, ईश्वर की है अनुभूति, हम धीर वीर गंभीर कहे जाएंगे, गीता के श्लोक को जब हम गुनगुनाएंगे। कवि गगन शर्मा का यह काव्यपाठ सुन काव्यगोष्ठी में मौजूद श्रोता प्रफुल्लित हो गए। मौका था रविवार को भिंडी ऋषि मंिदर पर आयोजित भारतीय साहित्य सदन की पाक्षिक काव्य गोष्ठी का।