पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बिना संस्कार के नहीं हो सकता व्यक्तित्व का विकास: पंकज

बिना संस्कार के नहीं हो सकता व्यक्तित्व का विकास: पंकज

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रविवार को स्कूल में मनाया गया बसंतोत्सव, हुआ संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

भास्कर संवाददाता|भिंड

अगर बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार न मिलें तो उसके व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता। स्कूली शिक्षा के साथ ही अगर बच्चों को संस्कारित शिक्षा भी मिले तो बच्चों का भविष्य राष्ट्र निर्माण के रास्ते पर चल पड़ता है। यह बात जिला सैनिक कल्याण अिधकारी पंकज कुमार ने कही। वे रविवार शिक्षा संस्कार विद्यालय में बसंतोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने ने कहा कि स्कूली शिक्षा ही बच्चों का भविष्य तय करती है। डॉ.राधेश्याम शर्मा ने कहा कि मां सरस्वती ने नीरस संसार को राग दिए और उसे रसमय कर दिया। समाजसेवी डॉ.मोहन अग्रवाल ने कहा कि शीत ऋतु का गमन और ग्रीष्म ऋतु के आगमन के बीच बसंत ऋतु का समय आता है। यह मौसम काफी मनोहारी रहता है। सरसों पककर चमकने लगती है। डॉ.मनोज जैन ने कहा कि इसी दिन पृथ्वीराज चौहान ने अपने शब्दभेदी वाण से मोहम्मद गौरी पर हमला किया था। वीर रामसिंह कूका का बलिदान दिवस भी आज का दिन है।

पीले परिधान में सजकर आए बच्चे
बच्चे पीले परिधान पहनकर स्कूल आए और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। बच्चों ने अपने तरीके से बसंत उत्सव के आगमन का स्वागत किया। कार्यक्रम में अंशिका अग्रवाल, काव्या माहेश्वरी, शिराली बंसल, तनुष्का जादौन, दिव्या गुप्ता, संन्दली जैन, स्मृति सोनी, पलक यादव, स्वास्तिक जैन उपस्थित थीं।

खबरें और भी हैं...