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राशि आने के बाद भी नहीं बनी हाथ धुलाई यूनिट

7 वर्ष पहले
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पंचायत सरपंच-सचिवों ने नहीं ली रुचि

बीना| सफाईजागरुकता के लिए कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन उपरांत हाथ धुलाई यूनिट निर्माण को गंभीरता से नहीं लिया गया। ग्राम पंचायतों के पास राशि जमा हो गई है। लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। मध्यान्ह भोजन के दौरान बेहतर हाथ धुलाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायतें गंभीर हैं और ही स्थानीय प्रशासन। मैदान स्कूल के पास स्थित हैंडपंप हाथ धुलाई यूनिट बने हुए हैं।

करीब 6 हजार लागत की यूनिट ब्लॉक की सभी पंचायतों में 30 जून तक निर्मित हो जाने थे। लेकिन आज गिने चुने स्कूलों को छोड़कर कई स्कूलों में यूनिट का अता -पता नहीं है। हाथ धुलाई युनिट के लिए विभाग ने करीब एक साल पहले ग्राम पंचायतों को एस्टीमेट और नक्शा भी दिया। इसके बाद उनके बैंक खातों में 6 हजार रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से राशि भी जमा की। यूनिट निर्माण के उद्देश्य डायरिया और संक्रमण से बचाना था। हाथ धुलाई युनिट नहीं होने के कारण बच्चे भोजन से पहले और बाद में हाथ नहीं धो पा रहे हैं। जबकि शासन द्वारा व्यापक स्तर पर हर साल सामूहिक हाथ धुलाई अभियान चलाया जाता है। पंचायतों को यह राशि पंच परमेश्वर योजना में से दी गई है। हाथ धुलाई यूनिट निर्माण में पंचायत के अलावा शिक्षा विभाग एवं मनरेगा का समन्वयन जरूरी है। यूनिट निर्माण के आदेश पंचायती राज विभाग से जारी हुए थे। राशि बैंक खातों में जमा कर दी गई है। लेकिन मनरेगा के अधिकारियों की लापरवाही से काम शुरू नहीं हाे सका है। जनपद शिक्षा केंद्र के सब इंजीनियर ब्रजेंद्र शर्मा का कहना है कि यूनिट निर्माण पंचायतों को करना है। लेकिन अभी तक ब्लॉक की एक भी शाला में यूनिट का निर्माण नहीं हुआ है।

यूनिटपर एक नजर

{6हजार रुपए जमा हैं ग्राम पंचायत के खाते में {250से अधिक स्कूलों में बनाना है यूनिट {64ग्राम पंचायतों को सौंपा था काम {करीब15 हजार बच्चे जुड़े हैं मध्यान्ह भोजन योजना से

बाधाएंयह हैं

{स्कूलोंमें यूनिट की तकनीकी स्वी्कृति नहीं हुई है। {जहांतकनीकी स्वीकृति हो गई है वहां मॉनीटरिंग नहीं हुई। {कमबजट के कारण कई ग्राम पंचायतों ने नहीं दिखाई रुचि {ग्रामपंचायतोंने काम की रिपोर्ट नहीं पहुंचाई।