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गार्ड को स्टेशन प्रबंधक ने घंटों कार्यालय के सामने खड़ा िकया, तबीयत बिगड़ने पर भर्ती

5 वर्ष पहले
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स्टेशन प्रबंधक ने शनिवार को एक गार्ड को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक अपने कार्यालय के बाहर खड़े रखा, जिससे उसका बीपी बढ़ गया और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। इस मामले में पीड़ित ने सोमवार को उच्च अधिकारियों को आवेदन देकर स्टेशन प्रबंधक शिकायत की है। शिकायत में गार्ड ने स्टेशन प्रबंधक द्वारा प्रताड़ित किए जाने के भी आरोप लगाए है।

आचवल वार्ड में रहने वाले आरएस पंथी पिता नंदलाल पंथी 58 साल सीनियर पैसेंजर मेल गार्ड के पद पर पदस्थ है। पंथी का अारोप है कि स्टेशन प्रबंधक एमएस पिंका गार्डों को कई तरह से प्रताड़ित करते हैं। शुक्रवारकी शाम वह 5.31 पर कुशीनगर ट्रेन लेकर आए थे, लेकिन रेस्ट न देकर उनकी ड्यूटी दूसरी गाड़ी मालवा-भोपाल में लगा दी। जबकि नियम है कि 16 घंटे रेस्ट के बाद ड्यूटी लगाई जाए। तबीयत खराब होने से ड्यूटी पर जाने से मना कर दिया। गार्ड पंथी ने बताया कि शनिवार की सुबह प्रबंधक पिंका से छुट्टी मांगने के लिए उनके कार्यालय गए, लेकिन उन्होंने सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक अपने कार्यालय के बाहर खड़ा करके रखा। इससे उनका बीपी बढ़ गया। हालत बिगड़ने पर अन्य स्टाफ ने रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। जब मेमो मांगा तो वह भी नहीं दिया।

अस्पताल में भर्ती आरएस पंथी।

मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है
भोपाल सीनियर डीओएम पटैरिया का कहना है कि गार्ड आरएस पंथी ने उनके पास कोई शिकायत नहीं की है। आप को जो भी बात करना हो हमारे पीआरओं से करे। इधर स्टेशन प्रबंधक महेंद्र सिंह पिंका से फोन पर कई बार संपर्क करना चाहा लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं कार्यालय पर पता किया तो बताया गया कि कहीं गए हुए है।

गार्ड का आरोप है कि स्टेशन प्रबंधक का हर कर्मी, स्टाल संचालक व वेडरों से कमीशन बंधा है। उसने बताया कि 31 दिसंबर 2015 को उसकी पदोन्नति हुई थी, लेकिन उसे एसएफ 5 जारी हो जाने के कारण उसकी पदोन्नति रोक दी गई। वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक ने एसएफ 5 के लगाए गए आरोप से बरी कर दिया। फिर भी प्रमोशन नहीं दिया गया है। यह व्यथा वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक को भी बताई तो एसएस ने उसे पैसेंजर में कार्य करने के लिए लगा दिया गया। जबकि गुड्स गार्ड, सीनियर गुड्स गार्ड एवं जूनियर कर्मचारियों से एसएस मेल गाड़ियों का परिचालन करवा रहे हैं और उससे पैसेंजर पर कार्य करवा रहे हैं। उसका आरोप है कि पदोन्नति होने पर एसएस ने रुपए मांगे थे जो उसने देने से मना कर दिया। इस कारण उसके साथ यह बर्ताव किया जा रहा है।

साइन ऑन से साइन ऑफ ड्यूटी 9 व 11 घंटे के नियम
गार्ड ने बताया कि साइन ऑन से साइन ऑफ ड्यूटी 9 व 11 घंटे ड्यूटी का नियम है। विषम परिस्थितियों में 12 घंटे से भी ज्यादा करवाई जा सकती है, लेकिन अधिकारी इस नियम का उल्लंघन कर कई घंटे ड्यूटी करवा रहे हैं। गार्ड ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर स्टेशन प्रबंधक से मेमो मांगा, लेकिन नहीं दिया। दो दिन उनका बेटा लगातार उनके पास गया फिर भी मेमो नहीं दिया।

भास्कर संवाददाता| बीना

स्टेशन प्रबंधक ने शनिवार को एक गार्ड को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक अपने कार्यालय के बाहर खड़े रखा, जिससे उसका बीपी बढ़ गया और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। इस मामले में पीड़ित ने सोमवार को उच्च अधिकारियों को आवेदन देकर स्टेशन प्रबंधक शिकायत की है। शिकायत में गार्ड ने स्टेशन प्रबंधक द्वारा प्रताड़ित किए जाने के भी आरोप लगाए है।

आचवल वार्ड में रहने वाले आरएस पंथी पिता नंदलाल पंथी 58 साल सीनियर पैसेंजर मेल गार्ड के पद पर पदस्थ है। पंथी का अारोप है कि स्टेशन प्रबंधक एमएस पिंका गार्डों को कई तरह से प्रताड़ित करते हैं। शुक्रवारकी शाम वह 5.31 पर कुशीनगर ट्रेन लेकर आए थे, लेकिन रेस्ट न देकर उनकी ड्यूटी दूसरी गाड़ी मालवा-भोपाल में लगा दी। जबकि नियम है कि 16 घंटे रेस्ट के बाद ड्यूटी लगाई जाए। तबीयत खराब होने से ड्यूटी पर जाने से मना कर दिया। गार्ड पंथी ने बताया कि शनिवार की सुबह प्रबंधक पिंका से छुट्टी मांगने के लिए उनके कार्यालय गए, लेकिन उन्होंने सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक अपने कार्यालय के बाहर खड़ा करके रखा। इससे उनका बीपी बढ़ गया। हालत बिगड़ने पर अन्य स्टाफ ने रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। जब मेमो मांगा तो वह भी नहीं दिया।

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