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आंचलिक कार्यालय के नहीं खुले ताले

6 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता| ब्यावरा

तीनवर्ष पहले बरकत उल्लाह यूनिवर्सिटी ने अपना आंचलिक कार्यालय संचालित कराने के नाम पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस कॉलेज को चुना था। कॉलेज प्रबंधन से भवन सहित अन्य सुविधाएं देने के बाद अधिकारियों ने इसका जोर शोर से शुभारंभ कराया। इसके बाद से इसमें ताला जड़ा है। बीयू अधिकारी अपनी जवाबदारी से बचने के लिए कॉलेज प्रबंधन से स्टाफ नियुक्ति की बात कहते रहे हैं जबकि यह काम स्वयं यूनिवर्सिटी को करना था। यह काम नहीं होने पर जिले के हजारों विद्यार्थियों को फायदा नहीं मिल रहा है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस कॉलेज के पुराने भवन में बरकत उल्लाह यूनिविर्सिटी ने वर्ष 2011 में आंचलिक दफ्तर खोला था। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने भवन, पेयजल, सुरक्षा चौकसी, बिजली आदि के सभी इंतजाम निर्धारित समय पर कर दिए थे। इसके बाद बीयू के अधिकारियों को ही यहां तीन लोगों का स्टाफ तैनात करना था। बीयू के अधिकारियों द्वारा अब यह काम भी कॉलेज प्रबंधन पर डाला जा रहा है। जबकि आंचलिक कार्यालय के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था।

यहरखी थी मांग: यूनिवर्सिटीद्वारा कॉलेज प्रबंधन से ही स्टाफ तैनात करने की बात कहीं जा रही है। जबकि आंचलिक कार्यालय में पदस्थ स्टाफ की सेलेरी भी बीयू को ही मुहैया कराना है।

हजारोंविद्यार्थियों को यह नु़कसान: आंचलिककार्यालय नहीं खुलने से िजले कॉलेज विद्यार्थियों को नामांकन, माइग्रेशन, डिग्री आदि की सुविधा मिल सकती हैं। कार्यालय नहीं चलने से जिले के कॉलेज विद्यार्थियों को छोटे मोटे काम के लिए भी भोपाल बीयू जाना पड़ता है। इसमें विद्यार्थियों के समय के साथ राशि खर्च होती है।

हमारी गलती नहीं है

^यूनिवर्सिटीअधिकारियों द्वारा आंचलिक दफ्तर के लिए जो सुविधाएं मांगी गई थी वे सभी दी जा चुकी थी। इसमें हमारी गलती नहीं है। -डा.वीके जैन, प्राचार्य पीजी कॉलेज ब्यावरा

यूनिवर्सिटी के अधिकारी स्टाफ तैनात नहीं कर पाए, बंद पड़ा है कार्यालय।

नियुक्त करेंगे स्टाफ

^आंचलिकदफ्तर में स्टाफ के लिए कॉलेज प्रबंधन से अनुमोदन मांगे थे। इस मामले को दिखवा कर जल्द स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। -एमएससोलंकी, रजिस्ट्रार बीयू भोपाल