पेचवर्क के नाम पर औपचारिकता
एनएचएआई ने 10 दिन में पेचवर्क पूरा कराने का किया है दावा
कार्यालयसंवाददाता|गुना/ राघौगढ़
मानसून की बारिश और बीते दिनों हुई मावठे की हल्की बारिश से उखड़े एबी रोड के पेचवर्क काम आनन फानन में कराया जा रहा है, लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में ठेकेदार द्वारा बीच- बीच में कुछ बड़े और छोटे गड्ढे छोड़े जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को पेचवर्क के बाद भी दचके की समस्या का सामना करना पड़ेगा। दरअसल आगरा बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली और पेचवर्क कराने के मुद्दे पर बरती जा रही लापरवाही को लेकर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह ने बीती 2 फरवरी को भरसूला चौराहे पर हाईवे पर धरना प्रदर्शन किया था।
धरने के दौरान यहां पहुंचे एनएचएआई (नेशनल हाईवे आथोरिटी ऑफ इंडिया) के प्रोजेक्टर डायरेक्टर जे बालाचंद्रन ने मौके पर पहुंचकर 10 दिन के भीतर हाईवे का पेचवर्क पूरा कराने की बात कही थी। इसके साथ ही विभाग ने संबंधित ठेका कंपनी श्री कंट्रेक्शन कंपनी इंदौर से पेचवर्क आरंभ कराया था। इसमें गुना से लेकर ब्यावरा के बीच बड़े स्तर पर पेचवर्क का काम चल रहा है, लेकिन ठेकेदार द्वारा पेचवर्क के नाम पर सिर्फ बड़े- बड़े गड्ढों को भरा जा रहा है। जबकि कई स्थानों पर बीच- बीच में छोटे गड्ढे छोड़कर काम किया जा रहा है। ऐसे में पेचवर्क के बाद भी लोगों को सड़क पर गड्ढों से पूरी तरह से निजात नहीं मिलेगी। साथ ही ऊंची नीचे सड़क दचकों की समस्या भी होगी।
एबी रोड पर चल रहे पेंचवर्क के दौरान बीच-बीच में गड्ढे छोड़े जा रहे हैं।
एनएचएआई के अधिकारियों ने इस बार बीते सितंबर 14 के आखिर से ही पेचवर्क का काम आरंभ करा दिया था। इसके लिए गुना से ब्यावरा के बीच बड़े- बड़े गड्ढे भरने यानी डब्ल्यू एमएम का काम लगभग पूरा हो गया था। ऊपर से बारीक लेयर भर की जानी थी। इसका कार्य भी चल रहा था। इसी बीच मावठे की बारिश से सड़क फिर से उखड़नी आरंभ हो गई थी। अब मावठे के बाद हुए गड्ढों को भी भरवाने काम काम चल रहा है, लेकिन इसमें सुस्ती दिखाई जा रही है। इससे सिर्फ वाहनों दचके की समस्या बढ़ गई है, बल्कि हादसे भी हो रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो पिछले करीब साल में यह पहला मौका था, जब बारिश समाप्त होने के तुरंत बाद ही विभाग ने एबी रोड का पेचवर्क आरंभ करा दिया था। हालांकि बारिश के ठीक बाद काम आरंभ होने की वजह विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जे बालाचंद्रन द्वारा खुद पूरी सक्रियता दिखाने से संभव हो सका था। लेकिन ठेकेदार द्वारा पेंचवर्क करने में की जा रही लापरवाही से अब विभागीय अधिकारियों की बदनामी हो रही है।