करोड़ों की आय के बाद भी विकास नहीं
आदर्शस्टेशन के मान से इसके रैक पाइंट विकास पर रेल मंडल को कच्ची सड़क के स्थान पर डामरीकृत सड़क बनाना थी। वहीं ट्रांसपोर्टर की बैठक सुविधा के लिए एक वेटिंग रूम परिसर में धूप बारिश से बचाव के लिए शेड लगवाना था। परिसर को रोशन करने के लिए पर्याप्त बिजली व्यवस्था बनानी थी।
लाखोंकी आय के बाद भी काम नहीं
ट्रांसपोर्टरसहित फूड कार्पोरेशन द्वारा रेल मंडल को हर रैक लगाने पर चालीस से पचास लाख राशि मुहैया कराई जाती है। वर्ष में सात आठ रैक लगने पर राशि का आंकड़ा करोड़ों तक पहुंच जाता है। इतनी आय होने के बाद भी रेल मंडल ने यहां विकास काम नहीं कराया है।
कार्यालय संवाददाता|ब्यावरा
रेलमंडल ने दो वर्ष पहले स्टेशन के रैक पाइंट विकास के लिए प्रपोजल तैयार किया था,लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो पाया। इसका खामियाजा क्षेत्रों के ट्रांसपोर्टर सहित वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। रेल मंडल की कंस्ट्रक्शन विंग ने दो वर्ष बाद भी स्टेशन परिसर के रैक पाइंट विकास की सुध नहीं ली है। दो साल पहले रेल मंडल ने इसके लिए दो करोड़ की लागत का प्रपोजल तैयार करते हुए शहर के ट्रांसपोर्टर को आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं होने से हालात जस के तस बने हुए हैं।
यहहो रही परेशानी
ट्रांसपोर्टरमुशीर अहमद, शमीम भाई, लक्ष्मीनारायण यादव ने बताया कि रैक पाइंट की कच्ची सड़क पर बारिश में आए दिन वाहन फंसते हैं। ट्रांसपोर्टरों को रैक लगने के दौरान टेंट तंबू लगाना पड़ते हैं। ऐसे हालातों में रैक लगने के दौरान वाहनों के चालक सहित अन्य काम करने वाले सैकड़ों लोग परेशान रहते हैं।
प्रपोजलमंजूरी के बाद विकास
^रैकपाइंट अपग्रेड करने का प्रपोजल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जा चुका है। मंजूरी मिलने के साथ ही विकास काम शुरू कराए जाएंगे। -केसीचौहान, आरआईडब्ल्यूरेल मंडल