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लोगों को नहीं मिल रहा योजना का फायदा

7 वर्ष पहले
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लोगों को नहीं मिल रहा योजना का फायदा

विभागद्वारा इस योजना का सही प्रचार-प्रसार नहीं करने से किसानों सहित शहर के लोगों को भी इसका फायदा नहीं मिल रहा। ब्लॉक की दो से तीन सौ हेक्टेयर भूमि में सालाना एक लाख क्विंटल विभिन्न सब्जियों की पैदावार होती है। इनमें से अधिकांश सब्जी किसानों द्वारा बाहर शहरों में बेची जाती है। कम भूमि में सब्जी की कम पैदावार का असर शहर के लोगों पर पड़ता है,लेकिन किचन गार्डन योजना पर जमीनी काम होने से सिर्फ सब्जी की पैदावार में इजाफा होगा। बल्कि आम दिनों में हजारों लोगों को सब्जियां सस्ते दामों में मिल सकेंगी।

प्रचारमें लाएंगे तेजी

^गांवोंमें इस योजना की जानकारी देने के लिए इसके प्रचार में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए सरपंचों सहित ग्राम समितियों का सहयोग लिया जाएगा। -पीआरपांडे, अधिकारीउद्यानिकी ब्यावरा

ब्यावरा। कम पैदावार होने से सब्जियों के दाम आए दिन बढ़ जाते हैं।भास्कर

कार्यालय संवाददाता|ब्यावरा

सस्तेदामों में सब्जी मुहैया कराने के साथ किसानों की माली हालत सुधारने के लिए दो साल पहले शासन ने किचन गार्डन योजना शुरू की थी। सही मायने में प्रचार नहीं होने से किसानों को इसकी जानकारी नहीं मिली। इससे शहर के हजारों लोगों को आम दिनों में भी महंगे दामों में सब्जी मिल रही है।

उद्यानिकी विभाग ने किचन गार्डन प्लान पर शुरुआती चरण में जोर शोर से काम किया, लेकिन इसके बाद प्रचार-प्रसार में बरती गई लापरवाही से ब्लॉक के किसान अब तक इस योजना से अंजान हैं। इस वजह से किसान अपने खेतों में महंगे दामों के बीज खरीद कर सब्जियों की पैदावार करते हैं। यही वजह है कि आम दिनों में शहर के हजारों लोगों को महंगे दामों में हरी सब्जी मिल पाती है।

यहहै किचन गार्डन प्लान

इसप्लान में वे किसान जिनकी माली हालत खराब है। जिनके पास गरीबी रेखा का राशन कार्ड है। इन्हें उद्यानिकी द्वारा निशुल्क भिंडी, गिलकी, लौकी, टमाटर सहित अन्य सब्जियों के बीज प्रति वर्ष दिए जाते हैं। संबंधित किसान अपने मकानों के आसपास सब्जियों की पैदावार में इजाफा कर इन्हें बाजार में बेच कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकते हैं।