पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • युवा उत्सव में पहले दिन विद्यार्थियों ने नहीं दिखाई रुचि

युवा उत्सव में पहले दिन विद्यार्थियों ने नहीं दिखाई रुचि

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतियोगिता में रंगोली बनाती छात्राएं।

रंगोली के जरिए दिए कई संदेश

ब्यावरा|नेताजीसुभाषचंद्रबोस महाविद्यालय में मंगलवार से तीन दिवसीय युवा उत्सव शुरू हो गया। पहले दिन रंगोली, प्रश्न मंच कार्टूनिंग, कोलाज प्रतियोगिता हुई। युवा उत्सव प्रभारी डा. सुरेखा रेगे ने बताया रांगोली में बीस छात्राओं ने रंगोली के जरिए बेटी बचाने,पर्यावरण संरक्षण आदि का संदेश दिया। प्रश्न मंच में विद्यार्थियों की सात टीमें बनाई गईं। टीम के सदस्यों से सामान्य ज्ञान सहित अन्य प्रश्नों के उत्तर जाने गए। पांच विद्यार्थियों ने बेस्ट कार्टून बनाकर अपनी कला दिखाई। इस मौके पर प्रोफेसर अरविंद भारद्वाज, आरके गुप्ता, इंदिरा सांकवा, आर. अरोरा, रजनी सोनी, सोनल अग्रवाल सहित स्टाफ के अन्य सदस्यों के अलावा विद्यार्थी मौजूद थे। बुधवार को एकांकी, नाटिका, भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।

ब्यावरा। प्रश्न मंच में उत्तर देते विद्यार्थी।

राजगढ़। युवा उत्सव में भाग लेने नहीं पहुंचे युवा।

कार्यालय संवाददाता|राजगढ़

जिलेके सभी कॉलेजों में मंगलवार से युवा उत्सव की शुरुआत हो गई। इसमें कॅालेज स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन 25 सितंबर तक चलेगा। हालांकि शास लीड कॉलेज में उत्सव के पहले दिन विद्यार्थियों ने रुचि नहीं ली। शास्त्रीय गायन प्रतियोगिता में एक प्रतिभागी ने नाम लिखाया। अन्य प्रतियोगिताओं में एक भी युवा ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। युवा उत्सव प्रभारी प्रो. विपिन खरे ने बताया कि पहले दिन कॉलेज में गायन, वादन नृत्य प्रतियोगिताएं होना थी। लेकिन विद्यार्थियों ने रुचि नहीं ली। शास्त्रीय एकल गायन में एक प्रतिभागी ने नाम लिखाया था। लेकिन अन्य प्रतिभागी नहीं होने से प्रतियोगिता नहीं हो सकी। उन्होंने बुधवार को होने वाली भाषण, वाद-विवाद और प्रश्नमंच सहित अन्य प्रतियोगिताओं में ज्यादा विद्यार्थियों के भाग लेने की आशा जताई। कॉलेज में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन 30 सितंबर को होगा। आधा दर्जन प्रतियोगिताओं में जिलेभर से आए प्रतिभागी भाग लेंगे।

ऐसा रहेगा जिला स्तरीय उत्सव का शेड्यूल

कब : 27 सितंबर

कहां : शासपीजी कॉलेज नरसिंहगढ़

क्याहोगा : एकलगायन (शास्त्रीय), एकल वादन (पर कुशन), सुगम गायन, एकल गायन (पाश्चात्य), समूह गायन (भारतीय), समूह गायन (पाश्चात्य), लोक आदिवासी नृत्य, शास्त्रीय नृत्य (भारतीय)।