अच्छे विचारों से ही सकारात्मकता आएगी
समाजविराट है। समाज की सेवा ही प्रभु सेवा है। आज का समय अस्थिर है। इसका स्वरूप सुधारने के लिए प्रभु को प्रज्ञा अवतार लेना है। पूर्व में प्रभु 23 अवतार ले चुके हैं। अवतार एक जैसा नहीं होता। परिस्थिति अनुसार ईश्वर आते हैं। आज के राक्षस दुष्प्रवत्ति, आतंकवाद पीड़ा पतन के रूप में आए हैं। आज जाग्रत आत्माओं की जरूरत है। जो लोभ की जंजीर ढीली कर सके उन्हीं जाग्रत आत्माओं को महाकाल बुलाते हैं। अनिति और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है। गिद्धराज जटायु की तरह हमें आज के रावणों के विरूद्ध खड़ा होना है। अच्छे विचारों से ही सकारात्मकता आएगी।
संजय नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में चल रही प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन बुधवार को डॉ. गोपी वल्लभ पाटीदार ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा युग निर्माण तो गुरुदेव ने कर दिया है। हम लोग तो सिर्फ श्रेय लेने वाले वाले हैं। जीवन में जितनी साधना आवश्यक हो उतना ही स्वाध्याय आवश्यक है। अच्छे विचारों से ही सकारात्मकता आएगी। विश्व की जाग्रत आत्माओं को गुरुदेव का आह्वान है कि नए युग के निर्माण में आपके सपनों की अपेक्षा है। डॉ. पाटीदार ने कहा परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने सप्तकांति आंदोलन चलाया है। हम गोमाता की सेवा करें। हो सके तो स्वयं गौ पालन करें। पर्यावरण शुद्धिकरण के लिए नदियों को शुद्ध रखें। कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में पहुंची महिलाएं।
धर्म-कर्म
गोपी वल्लभ पाटीदार