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शिक्षक को दूसरे गांव भेजा तो हम बच्चों को नहीं भेजेंगे स्कूल
भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर
ग्रामचौखंडिया के प्राथमिक स्कूल से सिंधखेड़ाकलां के हाईस्कूल में पदाेन्नत कर पदस्थ किए गए शिक्षक को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है शिक्षक को गांव के ही माध्यमिक स्कूल में पदस्थ किया जाए। उन्हें दूसरे गांव भेजा तो हम बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। शिक्षक को अपने गांव में ही रखने की मांग लेकर 70 किमी दूर चौखंडिया से 55 ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर जेपी आइरिन सिंथिया के पास पहुंचे। चौखंडिया प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक सलीम कुरैशी की पदोन्नति सिंधखेड़ाकलां हाईस्कूल में की गई है। उधर, गांव के नवीन माध्यमिक स्कूल में शिक्षक का एक पद खाली है। ग्रामीणों का कहना है शिक्षक सलीम कुरैशी को सिंधखेड़ाकलां भेजने के बजाय गांव के ही माध्यमिक स्कूल में रखा जाना चाहिए। 4 दिसंबर को भी ग्रामीणों ने कलेक्टर सिंथिया को इस बारे में ज्ञापन सौंपा था। सोमवार को ग्रामीणों ने दोबारा कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को समस्या बताई।
कलेक्ट्रोरेट पहुंचे लोगों ने शिक्षक की पदोन्नति गांव में ही किए जाने की मांग की।
सरपंच रूपचंद भिलावेकर ने कहा शिक्षक सलीम कुरैशी का गांव के स्कूल में पढ़ाई को लेकर अच्छा योगदान रहा है। उन्हीं के कारण गांव के 2-3 विद्यार्थियों का हर साल नवोदय विद्यालय में चयन हो रहा है। गांव में सभी परिवार आदिवासी हैं। शिक्षक सलीम कुरैशी का पढ़ाने का तरीका अच्छा होने के कारण बच्चे भी नियमित स्कूल जा रहे हैं। जब से उनकी पदोन्नति की खबर मिली है बच्चे भी परेशान हैं। बच्चे सलीम कुरैशी से ही पढ़ना चाहते हैं। गांव के 15 विद्यार्थी कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं। गांव के माध्यमिक स्कूल में 98 और प्राथमिक स्कूल में 160 विद्यार्थी दर्ज हैं। दोनों स्कूलों में शिक्षक का एक-एक पद खाली है। इस पर शिक्षक सलीम कुरैशी के चले जाने से पढ़ाई प्रभावित होगी। नवीन माध्यमिक स्कूल को अच्छे शिक्षकों की जरूरत है। ग्रामीणों ने कहा सलीम कुरैशी को सिंधखेड़ा ना भेजकर गांव के माध्यमिक स्कूल में ही पदस्थ किया जाए।
हर साल 2-3 बच्चों का हो रहा नवोदय में चयन