सफल होना है तो मैं बोलना छोड़ो
महानापेठस्थित बालाजी मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत और तिरुपति बालाजी कथा के दूसरे दिन बुधवार को नृसिंह भगवान अवतार प्रसंग हुआ। व्यासपीठ पर विराजित पंडित ललित कानूगो ने कहा अहंकार रूपी दैत्य कभी मत पालो। अहंकार से चूर मनुष्य का जीवन भी असफल होता है। जीवन में सफल होना है तो मैं बोलना छोड़ो। क्योंकि मैं से अिभमान जन्म लेता है और इससे अहंकार होता है।
पंडित ललित कानूगो ने कहा मैं शब्द बोलने से जीवन में निराशा, दरिद्रता आती है। भक्ति करना है तो भक्त प्रहलाद की तरह करो। सच्चे ह्रदय और सात्विक भाव से प्रभु की भक्ति करो। भक्त जब भी संकट में होगा संकट दूर करने प्रभु खुद भक्त के पास आएंगे। झांकी में नृसिंह भगवान ने अवतार लिया। उन्होंने हिरण्यकश्यप का संहार किया। भक्तों ने झांकी के दर्शन किए। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमें। कथा के दौरान बालाजी महाराज की स्तुति की गई। बुधवार को डेढ़ हजार भक्त कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा शाम 5 बजे तक चली।
तीसरा दिन