सप्ताह में एक दिन खुलता है पशु अस्पताल
ग्रामबीड़ के पशु अस्पताल पर हफ्ते में छह दिन ताला लगा रहता है। अस्पताल सिर्फ सोमवार को पांच घंटे के लिए खुलता है। हफ्ते के अन्य दिन अस्पताल बंद रहने के कारण पशुपालकों को परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल बने और लोकार्पण हुए छह महीने बीत गए हैं। लेकिन पशु पालकों की परेशानी दूर नहीं हुई है। मवेशी बीमार पड़ने पर इलाज के लिए उन्हें बुरहानपुर ले जाना पड़ रहा है। इससे पशुपालकों के रुपए और समय की बर्बादी हो रही है।
वार्ड क्रमांक 22 सीतानहानी में बने पशु अस्पताल का लोकार्पण 28 फरवरी को भाजपा प्रदेश महामंत्री नंदकुमारसिंह चौहान ने किया था। अस्पताल की लागत 5 लाख रुपए है। पशुपालक नर्मदाप्रसाद ने बताया अस्पताल नहीं खुलने के कारण हमें फजीहत झेलना पड़ रही है। बीमार मवेशियों को इलाज के लिए बुरहानपुर ले जाना पड़ रहा है। अस्पताल सिर्फ सोमवार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खुलता है। इसके बाद आने वाले लोगों को बिना इलाज कराए पशु लेकर लौटना पड़ रहा है। बीड़ के अजीत ठाकुर ने बताया लोकार्पण के बाद से ही अस्पताल रोजाना नहीं खुल रहा है।
दोपहर के बाद पशु अस्पातल बंद हो गया।