किसानों को बताई फसल बचाने की तकनीक
कपास को सूखने से बचाने के लिए 2 प्रतिशत यूरिया 300 ग्राम प्रति पंप, कार्बन्डेजिम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर पौधे के चारों ओर जड़ के पास डालें। लाल होने से बचाने के लिए बोरान, काॅपर, जिंक का 25 ग्राम प्रति पंप घोल बनाकर छिड़काव करें। कपास में सफेद और हरे मच्छरों की रोकथाम के लिए एमिडा, एसिफेड (लान्सरगोल्ड) 25 ग्राम पंप घोल बनाकर छिड़काव करें। कपास में फूल और पूड़ी गिरने या झड़ने की स्थिति में प्लानोफिक्स का 4 एमएल प्रति पंप घोल बनाकर छिड़काव करें। मिर्च में वायरस जनीत रोग चुर्रा-मुर्रा की रोकथाम के लिए थायोमेथाक्खुजान 10 ग्राम कवच 35 ग्राम प्रति पंप घोल बनाकर छिड़काव करें।
यह करें किसान
भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर
ग्रामबड़झिरी में कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को खरीफ फसलों को रोग और कीट व्याधि से बचाने की जानकारी दी। विभिन्न विषय पर सामूहिक चर्चा की गई। कृषि उप संचालक मनोहरसिंह देवके ने बताया कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ भूपेंद्रसिंह, अनुविभागीय कृषि अधिकारी आरएस निगवाल ने किसान रमेश बाबूलाल, राजू दामू, गुलाबचंद बाबूलाल के खेतों में कपास, सोयाबीन और मिर्च की फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान कपास के पौधों का लाल होकर सूखना पाया गया। मिर्च में वायरस जनीत बीमारी चुर्रा-मुर्रा का प्रकोप देखा गया।