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पहली बार निगम का बजट 4.76 अरब, कर बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं

4 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

शहर विकास के लिए नगर निगम ने इस बार का बजट दोगुना बढ़ा दिया है। 230 करोड़ की जल आवर्धन, प्रधानमंत्री आवास, स्टार्म वाटर और दो सीवर लाइन योजना के जुड़ने से ये बजट 4.76 अरब का हो गया। निगम के इतिहास में ये अब तक का सबसे बड़ा बजट साबित होने वाला है।

निगम स्थापना से अब तक के सभी बजट ढाई अरब रुपए से ज्यादा के नहीं बने। उतना ही निगम का वार्षिक व्यय भी होता आया है। बचत में इस बार सिर्फ 20 हजार प्रस्तावित है। इस बार जो बजट तैयार किया है उसमें घरेलू टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए जल, संपत्ति सहित आधा दर्जन से अधिक टैक्स यथावत रखे गए हैं। यानी इस बार भी नागरिकों की जेब पर कोई बोझ बढ़ने वाला नहीं है। व्यवसायिक क्षेत्र के करो में कोई खास बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालकों पर भी कोई बोझ नहीं बढ़ा है।

नगर निगम कार्यालय में शनिवार सुबह 11 बजे साधारण सम्मेलन होगा। इसको लेकर एक दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई, जिसमें देर शाम तक अफसर-कर्मचारी व्यस्त नजर आए। महापौर अनिल भोसले ने तैयारियों का जायजा लिया। शनिवार सुबह 11 बजे सबसे पहले पार्षदों का प्रश्नकाल शुरू होगा। पक्ष में महापौर और पार्षद विपक्ष को जवाब देंगे। इसके बाद सालाना बजट पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विपक्ष की भूमिका सम्मेलन में कमजोर नजर आने वाली है। सम्मेलन के लिए विपक्ष की कोई खास तैयारी नहीं है। सम्मेलन में छुट-पुट मुद्दों पर विपक्ष अपनी समस्या बताएगा।

हर बार ढाई अरब से ज्यादा का नहीं होता बजट
वेतन में बंट रहे सालाना 24 करोड़ रुपए
शहर में निगम रिकॉर्ड में करीब 36 हजार मकान दर्ज हैं। इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक लोग 10 प्रकार के टैक्स अदा करते हैं। इससे हर साल निगम को करीब 3 करोड़ रुपए की आय होती है। इतने में तो निगम से एक महीने का वेतन जारी हो ही जाता है। इसलिए शहर विकास में इस राशि का कोई खास योगदान नहीं मिलता। व्यवस्थाओं में विस्तार से हर साल वेतन भी बढ़ रहा है। निगम को सबसे ज्यादा राज्य सरकार से करीब 20 करोड़ रुपए की चुंगी क्षतिपूर्ति मिलती है, ये मिलाकर निगम पूरे सालभर का वेतन का खर्च निकाल लेता है।

राज्य, केंद्र के अनुदान से हो रहा विकास
मूलभूत अनुदान के रुप में हर साल 6 से 7 करोड़ रुपए तक मिल जाते है। जिसे निगम अपनी मर्जी से किसी भी काम के लिए खर्च कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य और केंद्र से जो अनुदान मिलता है, उसमें निगम को नाली, सड़क, कम्यूनिटी सेंटर सहित अन्य निर्माण काम करना ही है। इसी अनुदान की राशि से ही निगम शहर विकास में खर्च कर पा रहा है।

सम्मेलन से एक दिन पहले निगम की छत पर सदन तैयार किया।

सात साल में ऐसा रहा बजट (आंकड़े रुपए में)
वर्ष आय व्यय बचत

2017-18 4767082788 4767062788 20000

2016-17 2467633200 2467583200 50000

2015-16 2500631400 2500531400 100000

2014-15 2573000550 2572800550 200000

2013-14 2298947000 2298737000 210000

2012-13 2396288000 2396158000 130000

2011-12 2146808000 2146798000 10000

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