पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • National
  • पाली में कपड़ा फैक्ट्रियां बंद, शहर में घटा 30 प्रतिशत तक उत्पादन

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पाली में कपड़ा फैक्ट्रियां बंद, शहर में घटा 30 प्रतिशत तक उत्पादन

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद राजस्थान में पाली शहर के सैकड़ों व्यापारियों ने कपड़ा फैक्ट्रियां बंद कर दी। इससे बुरहानपुर जिले के ग्रे-कपड़ा उत्पादन और व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। करीब 10 दिन में हजारों टन कपड़ा का स्टाक हो गया है। ऐसे में बुरहानपुर में 30 प्रतिशत उत्पादन घट गया है। जिले के कपड़ा उद्योग में अब बेरोजगारी भी छाने लगी है।

फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी फसलों को खराब कर रहा था। इसको लेकर पाली जिले के किसानों ने अफसरों को बार-बार शिकायतें की। इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती से उद्योगपतियों पर नकेल कसी। कुछ फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ बोर्ड ने लाखों रुपए का जुर्माना लगाया। ऐसे में उद्योगपतियाें ने अपनी फैक्ट्रियों को सितंबर के पहले सप्ताह से बंद कर दिया। फैक्ट्रियों में ग्रे-कपड़े को डाइंग और प्रिंट किया जाता है। यहां से देश और विदेश में कपड़े का निर्यात होता है। बुरहानपुर जिले से 65 प्रतिशत ग्रे-कपड़ा पाली जाता है।

500 टेक्सटाइल, कपड़ा उद्योगपति

35000 पावरलूम

1000 मालिक

6000 मजदूर

1000 अन्य मजदूर

4000 पावरलूम ठप पड़े

पाली की फैक्ट्रियां बंद होने से बुरहानपुर के पावरलूम संचालन पर गहराया असर।

मजदूरों को भेज रहे छुट्‌टी पर
पावरलूम मालिक को कपड़ा बनाने के लिए कच्चा माल नहीं मिल रहा है। कच्चे माल के अभाव में मालिक मजदूरों को छुट्‌टियाें पर भेज रहे हैं। मजदूरों को पावरलूम कारखानों में रोजगार कम मिल रहा है। करीब एक पखवाड़े से कपड़ा उद्योग के हालात ज्यादा तंग हैं।

6 में से 4 ही लूम चला रहे मजदूर
एक पखवाड़ा पहले एक मजदूर चार से छह लूम चलाता था। आज उसे मुश्किल से तीन से चार लूम के लिए कच्चा माल मिल रहा है। मंदी और फैक्ट्रियों के बंद होने से 4 हजार से ज्यादा पॉवरलूम ठप पड़े हैं।

लाखों टन ग्रे-कपड़ों का स्टाक हुआ जमा
फैक्ट्रियां बंद होते ही बुरहानपुर से ग्रे-कपड़े का निर्यात कम हो गया। बुरहानपुर में उद्योगपतियों के पास लाखों टन ग्रे-कपड़ों का स्टाक पड़ा हुआ है। टेक्सटाइलों से उन्होंने अब कच्चे माल का उठाव भी कम कर दिया है। कई उद्योगपतियों का पाली के फैक्ट्री मालिकों पर करोड़ों रुपए अटका पड़ा है। ऐसे में शहर के उद्योगपतियों की भी हालत खराब हो रही है।

मजदूरों की आमदनी घटी
लोडिंग ऑटो चालकों को ढुलाई के लिए कपड़ा कम मिल रहा है। वहीं ठेला चालकों की भी बीम सहित अन्य सामान ढुलाई कम हो गई है। इससे करीब दो हजार मजदूर और हम्मालों की आमदनी कम हो गई है।

माल ढुलाई भी कम हुई
फैक्ट्रियां बंद होने के बाद ट्रांसपोर्टरों के पास निर्यात के लिए बुकिंग कम हो गई है। पहले हर रोज आठ से दस ट्रक माल निर्यात किया जाता था। अब मुश्किल से तीन या चार ट्रक ही निर्यात हो रहा है। वहीं हम्मालों का भी रोजगार 10 दिन से ठप पड़ा हुआ है।

बुरहानपुर कपड़ा उद्योग मरणासन्न स्थिति में
डेढ़ साल से कपड़ा बाजार में मंदी छाई हुई है। पाली की फैक्ट्रियां बंद होने से उत्पादन घटा है। यार्न की खपत भी बाजार में घट गई है। बुरहानपुर का कपड़ा उद्योग मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया है। -मुकेश देवड़ा, टेक्सटाइल एसोसिएशन

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थिति पूर्णतः अनुकूल है। बातचीत के माध्यम से आप अपने काम निकलवाने में सक्षम रहेंगे। अपनी किसी कमजोरी पर भी उसे हासिल करने में सक्षम रहेंगे। मित्रों का साथ और सहयोग आपकी हिम्मत और...

    और पढ़ें