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युवा उत्सव में आदिवासी, मराठी गोंधड़ हिंदू संस्कृति के रंग घुले
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर
बसस्टैंड स्थित भारतीय स्कूल में रविवार को खेल एवं युवा कल्याण विभाग का युवा उत्सव हुआ। उत्सव में मराठी गोंधड़, आदीवासी लोकनृत्य, शास्त्रीय हिंदुस्तानी गायन, नृत्य सहित भारतीय संस्कृति के अनेक रंग घुले। सुभाष स्कूल के विद्यार्थियों के आदिवासी लोक नृत्य और अश्विनी टेमले के कथक नृत्य ने सबका मन मोहा। शास्त्रीय हिंदुस्तानी संगीत में भरत रावल ने बहार राग की स्वर लहरियों से भवन गूंज दिया। बांसुरी से सजे राष्ट्रीय गीत की स्वर लहरियों पर श्याम चौधरी ने खूब दाद बटोरी।
दोपहर 1 बजे सरस्वती मां की आराधाना से युवा उत्सव की शुरुआत हुईं। विशेष अतिथि एडिशनल एसपी भगवतसिंह बिरदे, जिला खेल अधिकारी जोसफ बक्सला ने विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भेंट दिए। बतौर निर्णायक एमएन पटले, अजय हनमखेड़ेकर, अनामिका बरोले, चारु सेन, श्वेता प्रजापति, ऋषि मुलतकर उपस्थित थे।अनुजा जोशी और कमलेश जैस्वाल ने बताया इंदौर में 17 दिसंबर को संभाग स्तरीय स्पर्धा होगी। पहला स्थान पाने वाले प्रतिभागी 16 दिसंबर को दोपहर 1 बजे प्रतिभागी बस से इंदौर रवाना होंगे। इस दौरान दत्तु मेढ़े, उमेश कोष्ठा, नंदकिशोर यादव मौजूद थे।
लोकनृत्य शासकीयसुभाष स्कूल
लोकगीतपवनराखोड़े ग्रुप बंभाड़ा
शास्त्रीयसंगीत भरतरावल
बांसुरीवादन श्यामचौधरी
मृदंगवादन विनोदपाटील
हारमोनियमअश्विनीमुलतकर
कथमनृत्य अश्विनीटेमले
वक्तत्वकला हर्षाजयवंत
यह रहे विजेता
सुभाष स्कूल के विद्यार्थियों ने आदिवासी नृत्य कर श्रोताओं का मन मोहा।