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अब तक नहीं मिली पेड़ काटने की अनुमति, फोरलेन अधर में
भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर
सिंधीबस्तीसे रेणुका माता मंदिर तक फोरलेन रोड निर्माण चल रहा है। ठेकेदार को दिसंबर 2014 तक काम पूरा करने का टारगेट दिया गया था लेकिन यह टारगेट बीच में रहे पेड़ों के कारण पूरा नहीं हो सकेगा। रोड के बीच में रहे पेड़ों को हटाने की अनुमति एक साल बाद भी नहीं मिल सकी है। इस कारण राेड निर्माण धीमी गति से चल रहा है। निर्माण शुरू होने से दो महीने पहले ही लोक निर्माण विभाग ने तहसीलदार को पेड़ हटाने की अनुमति के लिए आवेदन दिया था लेकिन इस पर आज तक अमल नहीं हो सका है।
सिंधीबस्ती से रेणुका माता मंदिर तक फोरलेन निर्माण के लिए इंदिरा कॉलोनी से रेणुका माता मंदिर तक खुदाई की गई है। राजस्थानी भवन से कलेक्टोरेट तक खुदाई के कारण पुराना रोड संकरा हो गया है। रोजाना यहां से मोहम्मदपुरा, लोनी, बहादरपुर सहित महाराष्ट्र के सैकड़ाें वाहनों की आवाजाही हो रही है। पेड़ नहीं हटने के कारण सिंधीबस्ती से कलेक्टोरेट तक काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अफसरों का कहना है पेड़ हटाने की अनुमति समय पर मिलती तो काम तेजी से होता।
आधा-आधा बनेगा रोड
अफसरोंका कहना है दशहरा, दीवाली के बाद रोड निर्माण में तेजी लाई जाएगी। रोड निर्माण के दौरान यातायात प्रभावित नहीं हो इसलिए त्योहारों के इसमें तेजी लाने का निर्णय लिया गया है। सिंधीबस्ती से कलेक्टोरेट तक रोड आधा-आधा बनाया जाएगा। पहले एक हिस्से का टू-लेन और इसके बाद दूसरे हिस्से का टू-लेन निर्माण कराया जाएगा। पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री राजेंद्र जोशी ने कहा फोरलेन के बीच में रहे पेड़ों को हटाने की अनुमति नहीं मिली है। इस कारण निर्माण में देरी हो रही है।
एक साल में कम हो गई पेड़ों की संख्या
रोडनिर्माण की शुरुआत में सिंधीबस्ती से रेणुका माता मंदिर तक 300 पेड़ चिह्नित किए गए थे। बाद में पेड़ों की संख्या कम हो गई क्योंकि पहले फोरलेन के दोनों ओर 15-15 मीटर के घेरे में रहे पेड़ काटे जाने थे। बाद में इसे रोड के बीच से दोनों ओर 12-12 मीटर कर दिया गया। इससे अब हटाए जाने वाले पेड़ों की संख्या 150 हो गई है। इसमें सिंधीबस्ती से कलेक्टोरेट तक करीब 50 पेड़ हटाए जाना हैं।
झील का पानी पुलिया निर्माण में कराएगा देरी
फोरलेनके बीच बनाई जाने वाली पुलियाओं में भी देरी होगी। एक पुलिया मोहम्मदपुरा के पास और दूसरी रेणुका झील स्थित कुंदन डेयरी के पास बनना है। ब