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पंचायत चुनाव को लेकर सरपंच की दावेदारी जताने में आड़े आई जाति

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर

त्रिस्तरीयपंचायत चुनाव में दावेदारी जताने के लिए कुछ उम्मीदवारों के बीच जाति आड़े रही है। इसको लेकर मंगलवार को पारधी समाज के उम्मीदवार कलेक्टर से गुहार लगाने पहुंचे। उन्होंने कहा कलेक्टर साहब पारधी समाज अनुसूचित जाति वर्ग में आता है। कुछ पंचायतों से समाज के लोग चुनाव में सरपंच पद के लिए दावेदारी जताना चाह रहे है लेकिन तहसील कार्यालय से अजा का जाति प्रमाण पत्र बनाकर नहीं दिया जा रहा।

इच्छापुर पंचायत से पांडूरंग जगन्नाथ पारधी और मोहद पंचायत से मानसिंग बाडूसंग जाधव ने सरपंच पद का चुनाव लड़ने का मन बनाया है। इसके लिए दोनों ने तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन दिया लेकिन उन्होंने अजा से जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाने का कहकर मानसिंग को आवेदन लौटा दिया जबकि पांडूरंग का आवेदन लंबित है। उनका कहना है पारधी जाति अजा में नहीं आती है। जबकि भूमि हस्तांतरण अधिनियम 165 टी (ख) में साफ लिखा है कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर में पारधी जाति अनुसूचित जाति के लिए डिक्लेयर है।

पांडूरंग पारधी ने कहा स्कूल के पहली से पांचवीं तक के सर्टिफिकेट में अनुसूचित जन जाति लिखी है। 9 से 10वीं के सर्टिफिकेट में अनुसूचित जाति दर्ज है। पंचायत ने समग्र आईडी, आधार कार्ड में पिछड़ा वर्ग कर दिया है। जबकि पारधी समाज अजा में आता है। बेटे दीपक का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण महाराष्ट्र के यावल तहसील की स्कूल में एडमिशन कराना पड़ा।

खंडवा के हरसूद में पारधी समाज पाया जाता है। लेकिन सिर्फ बुरहानपुर जिले से जाति का नाम गायब है। जिलाध्यक्ष शंकर ने कहा जाति के कारण समाज के लोगों को संपत्ति बेचने में दिक्कत हो रही है। संपत्ति के कई प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित है। यहीं नहीं किसी योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है।

जिले में 1925 से बसा पारधी समाज

जिलाध्यक्षशंकर लिंगू मावड़े ने बताया पारधी समाज जिले में 1925में बसा। अब करीब 10 ग्रामीण क्षेत्रों में समाज के करीब 200 परिवारों रहते है। पहले समाज के कुछ ही लोग जिले में आए थे। अब उनकी जनसंख्या 500 तक पहुंच गई है। शाहपुर, इच्छापुर, मालवीर, हतनूर, संग्रामपुर, फोफनार, मोहद में अधिकांश पारधी समाज के लोग है। यही पर दो-तीन पीढ़ी से समाज के लाेग अपना गुजर-बसर कर रहे है।

^बुरहानपुर जिले में पारधी समाज नहीं पाया जाता