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कलेक्टर के आश्वासन बाद खदान चालू होने की उम्मीद, सप्ताह भर इंतजार
मामला पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने से बंद पड़ी रेत खदानों का
सिटीरिपोर्टर|बुरहानपुर
पर्यावरणएनओसी नहीं मिलने के कारण 1 जनवरी से जिलेभर की रेत खदानें बंद पड़ी हैं। इसको लेकर ताप्ती खनिज ट्रैक्टर ट्रांसपोर्ट यूनियन सदस्यों ने मंगलवार को रैली निकाल दो खदानें चालू करने की मांग की। सदस्यों ने बताया कलेक्टर ने हमें आश्वासन दिया है इसलिए हफ्ता भर इंतजार करेंगे। इसके बाद भी खदानें चालू नहीं की गईं तो मजदूर प|ी-बच्चों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। मामले को लेकर गुरुवार रात मंडी क्षेत्र में यूनियन सदस्यों की बैठक हुई। इसमें सभी सदस्यों ने इस अहम मुद्दे पर चर्चा की।
यूनियन अध्यक्ष नफीश मंशा खान ने कहा जिले में 1 जनवरी से रेत खदानें बंद पड़ी हैं। इससे 20 हजार परिवार के 60 हजार लोग जुड़े हैं। काम नहीं मिलने से मजदूर तंगहाली झेल रहे हैं। उन्हें उधार लेकर घर चलाना पड़ रहा है। डेढ़ महीने बाद भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण लोगों को निर्माण कार्यों के लिए रेत नहीं मिल पा रही है।
उधर जिलेभर में रेत का अवैध उत्खनन और कालाबाजारी हो रही है। प्रशासन कोई भी दो खदान चालू करा दें तो इससे लोगों को रेत के साथ मजदूरों को काम भी मिलेगा। कालाबाजारी के कारण डेढ़ महीने में ही रेत के भाव 1650 रुपए से बढ़कर 2500 रुपए हो गए हैं। पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण जिलेभर की रेत खदानें बंद पड़ी हैं।खनिज ट्रैक्टर ट्रांसपोर्ट यूनियन सदस्यों ने खदानें चालू करने की मांग की। कलेक्टर ने हफ्ताभर इंतजार करने को कहा है।
नागझिरी, राजघाट, फतेहपुर, बसाड़, जैनाबाद की रेत खदानों काे दो साल से पर्यावरण विभाग की अनुमति नहीं मिल पाई है। इस कारण 1 जनवरी से इनका ठेका निरस्त कर दिया गया। अब इन खदानों की दोबारा नीलामी की जाएगी। खनिज विभाग ने 6 दिसंबर को सात नई खदानें नीलाम की थी लेकिन पर्यावरण विभाग की अनुमति नहीं ला पाने के कारण ये खदानें भी बंद पड़ी हैं। इनमें नाचनखेड़ा, गव्हाना, हतनूर, रेहटा, सुखपुरी, बोरगांवखुर्द, दर्यापुर की खदानें शामिल हैं।