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रोड से लगे स्कूलों में खिला रहे गोली दूरस्थ स्कूलों के विद्यार्थी वंचित
नेशनलडी-वार्मिंग डे मंगलवार से जिलेभर के 1 लाख 24 हजार विद्यार्थियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाने का अभियान शुरू हुआ है लेकिन यह दवा जिला, ब्लॉक मुख्यालय के नजदीकी और रोड से लगे स्कूलों के विद्यार्थियों को ही खिलाई जा रही है। दूरस्थ क्षेत्र के स्कूलों में दवा पहुंचना तो दूर यहां के शिक्षकों को अभियान की जानकारी तक नहीं है। यही नहीं उन्हें इसको लेकर प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। अभियान को लेकर सरकारी अफसर उदासीन हैं। वहीं इसकी निगरानी की जिम्मेदारी एनजीओ एविंडेंस एक्शन डी वर्म वर्ल्ड एनिशिएटिव को सौंपी गई है। एनजीओ ने पूरे प्रदेश में इसके लिए 125 मॉनीटर नियुक्त किए हैं। अभियान के तहत जिले के सभी 521 प्राथमिक, 212 माध्यमिक, 35 हाईस्कूल और 46 हायर सेकंडरी स्कूलों में 1 से 19 साल तक के विद्यार्थियों को दवा खिलाई जाना है। पहले दिन मंगलवार को दिखावे के नाम पर स्कूलों में कार्यक्रम रख विद्यार्थियों को दवा खिलाई गई। इसके बाद 14 फरवरी तक छूटे हुए विद्यार्थियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें एक दिन बाकी है लेकिन विद्यार्थियों को दवा खिलाना तो दूर कई स्कूलों में किट भी नहीं पहुंची है। सूत्रों के अनुसार अभियान के पहले दिन मंगलवार को धुलकोट क्षेत्र के पीपल फाल्या स्कूल में शिक्षकों को अभियान की जानकारी तक नहीं थी। यहां किट भी नहीं पहुंची थी। ना ही शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। यही हालात जिले के अन्य दूरस्थ स्कूलों में भी हैं।
एनजीओ द्वारा नियुक्त मॉनीटर को सहयोग करने के लिए लोक शिक्षक संचालनालय संयुक्त संचालक धीरेंद्र चतुर्वेदी ने पत्र भी जारी किया है। इसकी प्रतिलिपि सभी डीईओ सहित स्टाफ ऑफिसर प्रमुख सचिव मप्र शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भोपाल, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मप्र, सभी संभागीय संयुक्त संचालक एनएचएम और राज्य कार्यक्रम अधिकारी डी वर्म वर्ल्ड एनिशिएटिव को भी भेजी गई है। एनजीओ के मॉनिटर दवा खिलाने की पड़ताल के साथ ही स्कूलों में शिक्षक-विद्यार्थियों की उपस्थिति, अभियान के लिए लगाए जाने वाले पोस्टर-बैनर का भी निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही प्राचार्य, शिक्षक और विद्यार्थियों से भी कृमी नाशक गोली को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं
^दवाकी किट स्कूलों तक पहुंचाना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह स्वास्थ्य विभाग का काम है।- आरएलउपाध्याय, डीईओ बुरहानपुर
बैठक ली, सभी स्कूलों के लिए दी किट
^संकुलस्तर की बैठक लेकर सभी स्कूलों के लिए किट दी है। गोली खिलाने की जिम्मेदारी शिक्षक की है। एक हफ्ते बाद इसकी रिपोर्ट लेकर राज्य स्तर पर भेजना है।- डॉ.संजय शर्मा, सीएमएचओ बुरहानपुर