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निजी अस्पतालों को भी करना होगा प्रोटोकॉल का पालन

6 वर्ष पहले
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कार्यशाला आज, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड पर लगा ताला

हेल्थरिपोर्टर|बुरहानपुर

स्वाइनफ्लू को लेकर जिला अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों को भी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। स्वाइन फ्लू के मरीजों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार इलाज मुहैया कराने के लिए 11 फरवरी को कार्यशाला कराई जाएगी। लालबाग रोड स्थित डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी अस्पताल में दोपहर 2 बजे से होने वाली कार्यशाला में सभी निजी अस्पताल संचालक और सरकारी डॉक्टर शामिल होंगे। इसमें सभी को केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए प्रोटोकॉल की जानकारी पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से दी जाएगी। साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम और इलाज को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।

जिले में अब तक स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है। यही कारण है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड पर ताला लगा है। एहतियात के तौर पर डॉक्टर-कर्मचारी मास्क लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसके अलावा वे प्रोटोकॉल के अन्य निर्देशों का भी पालन कर रहे हैं। स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग के लिए जिला अस्पताल में सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों का इलाज अलग काउंटर बनाकर किया जा रहा है। हालांकि जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग की ही व्यवस्था है। मरीज मिलने पर जांच के लिए जबलपुर पर ही निर्भरता है।

सीएमएचओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए डॉ. देवेंद्र कनासिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में कहीं भी स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर उसका नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। सभी मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं को सेक्टर स्तर पर स्वाइन फ्लू के प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बना ली गई है।

यहहै प्रोटोकॉल

स्वाइनफ्लू के मरीज के इलाज के लिए अस्पताल में अलग से वार्ड हो। डॉक्टर सहित स्टाफ पर्सनल प्रोटेक्शन किट का इस्तेमाल करें। इलाज और जांच के बाद साबुन से हाथ धोएं। इलाज के दौरान ग्लब्स और मास्क पहनें। मास्क नहीं हो तो नाक-मुंह पर रूमाल बांधे। इसके अलावा सावधानी के अन्य उपाय अपनाएं।

डॉक्टर ने मरीजों की जांच की।