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मिल बंद हुए 16 साल बीते, मजदूरों को नहीं मिला हक

6 वर्ष पहले
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अस्तित्वखो चुकी बहादरपुर सूत मिल के मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में रैली निकाली। कलेक्टारेट पहुंचकर अपर कलेक्टर प्रकाश रेवाल को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। मजदूरों ने कहा सूत मिल बंद हुए 16 साल बीत गए। लेकिन अब तक हमें ग्रेच्युटी, क्षतिपूर्ति अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री तक हमारी मांग पहुंचा दो। उनसे हमें हमारे हक की राशि दिलवा दो।

अपनी मांगों को लेकर सूत मिल के मजदूर, कर्मचारी पिछले 20 दिन से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल स्थल शिवकुमारसिंह चौराहा से मंगलवार शाम 4.30 बजे उन्होंने रैली निकली। जयस्तंभ, शनवारा, सिंधी बस्ती से नारेबाजी करते 500 से अिधक मजदूर कलेक्टोरेट पहुंचे। मजदूर संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर ज्ञापन सौंपा। भारतीय मजदूर संघ संयोजक और प्रदेश मंत्री सुनील चापोरकर ने कहा 1998 में तत्कालीन सरकार की उदासीनता के कारण सूत मिल बंद हो गई थी। मिल में 1200 मजदूर और कर्मचारी कार्यरत थे। 1 अक्टूबर 1999 में परिसमापक नियुक्त किया गया। तब मजदूरों को तीन महीने में ग्रेच्युटी और क्षतिपूर्ति अनुग्रह राशि का भुगतान होना था। लेकिन 16 साल बाद भी मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पाया है। रैली में संघ के प्रदेश मंत्री दिलीप इंगले सहित अन्य मजदूर, कर्मचारी शामिल थे। मंगलवार को क्रमिक भूख हड़ताल का 20वां दिन था। यहां रोजाना पांच मजदूर भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं।