भक्ति भाव से निकाली कलश यात्रा
महाजनापेठस्थित बालाजी मंदिर परिसर में मंगलवार से श्रीमद भागवत और तिरुपति बालाजी कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन पंडित ललित कानूनगो ने गोवकर्ण, राजा परीक्षित प्रसंग सुनाए। पंडितजी ने कहा क्रोध, लालच, व्यभिचार, वासना नहीं करना चाहिए। ये मनुष्य को विनाश की ओर ले जाते हैं। हमें मन से भगवान की भक्ति करना चाहिए। सच्चे मन से प्रार्थना करने से प्रभु अवश्य प्रसन्न होकर मनोकामना पूरी करते हैं। 7 दिन तक बालाजी, कृष्ण का नाम स्मरण करने से धन के दोष दूर होंगे। सुख-समृद्धि मिलेगी। कथा से पहले सुबह 11.30 बजे यजमान सुरेश मोदी के निवास फव्वारा चौक से कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा शनि मंदिर, बाईसाहब की हवेली, पांडूमल चौराहा, तिलक चौराहा होते हुए बड़े बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। कथा के बाद आरती की गई। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरीत किया गया। सात दिन तक पं.ललित कानूनगो श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगे।
शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा।
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