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नपती में बुरहानपुर जनपद के हिस्से आई 1512 वर्ग फीट जमीन

7 वर्ष पहले
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आबकारी विभाग और बुरहानपुर जनपद पंचायत के बीच छह महीने से जमीन को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को सुलझ गया। नजूल अफसराें ने अमले के साथ पहुंचकर न्यामतपुरा क्षेत्र में विवादित जमीन की नपती करवाई। इससे जनपद पंचायत के हिस्से में 1512 वर्ग फीट जमीन निकली। यहां नजूल कर्मचारियाें ने चूने से मार्किंग कर जमीन का सीमांकन कर दिया।

नपती के दौरान तहसीलदार अजीत श्रीवास्तव, आबकारी अधिकारी राजेंद्र शर्मा, जनपद सीईओ राकेश शर्मा, नायब तहसीलदार हितेंद्र भावसार भी मौजूद थे। नपती के बाद नजूल के अफसर-कर्मियों ने बताया गैरेज की जमीन जनपद के हिस्से की है। इस पर आबकारी अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा गैरेज का हिस्सा हमारा नहीं तो फिर हमारी जमीन कहां है। इस पर तहसीलदार अजीत श्रीवास्तव ने कहा आपकी कितनी जमीन है लिखकर दो। जांच के बाद सब स्पष्ट होगा। अफसर-कर्मियों की भीड़ देख आते-जाते लोग भी यहां ठिठक गए। करीब एक घंटे तक यहां गहमागहमी रही।

आबकारी अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा न्यामतपुरा क्षेत्र में आबकारी विभाग को पीडब्ल्यूडी से 18 हजार वर्ग फीट जमीन मिली थी। यहां करीब 40 साल से आबकारी के हिस्से में प्लाट नंबर 28, 29, 30, 31 थे। जनपद सीईओ के बंगले से सटकर 32 नंबर के प्लाट पर आबकारी विभाग ने गैरेज बनाया था। आबकारी अफसरों का कहना है गैरेज की जमीन का हिस्सा उन्हीं के विभाग का है। लेकिन जनपद सीईओ राकेश शर्मा ने जमीन की जानकारी निकाली तो गैरेज की जमीन जनपद के नाम दर्ज मिली।

पक्केगैरेज निर्माण पर जताई आपत्ति, रुकवा दिया काम - छहमहीने पहले जनपद सीईओ राकेश शर्मा ने गैरेज को हटा दिया था। तब से जनपद सीईओ शर्मा यहां अपना वाहन पार्क करवाने लगे। इसको लेकर आबकारी और जनपद के अफसर-कर्मियाें का रोजाना विवाद होने लगा। गैरेज से सटकर 3952 वर्ग फीट जमीन पर जनपद सीईओ का बंगला है। जनपद सीईओ ने तीन दिन पहले बंगले की बाउंड्रीवाॅल तुड़वाई। उन्होंने 32 नंबर प्लाट पर पक्के गैरेज निर्माण की तैयारी शुरू की। इसको लेकर आबकारी अफसरों ने आपत्ति जताई। शनिवार सुबह उन्होंने निर्माण रुकवा दिया।

नपती के बाद चूना डालकर सीमांकन किया गया।