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गड्ढे और खदानों में भरा पानी, सुरक्षा इंतजाम नहीं
अफसर नहीं दे रहे ध्यान हादसे का अंदेशा
सिटीरिपोर्टर|बुरहानपुर
शहरसहित ग्रामीण क्षेत्र में जगह-जगह गड्ढे और खदानों में पानी भरा है। इन खुली पड़ी खदानाें और गड्ढों के कारण हर समय खतरा बना रहता है। पिछले साल 21 जुलाई को बहादरपुर के पास खदान में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके पहले भी इन गड्ढे, खदानों में डूबने से मौतें हो चुकीं हैं। बावजूद इसके इनके आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। पानी भरे इन खतरनाक स्थानों के पास आज भी बच्चे खेलते हैं। इस कारण हर समय हादसे का अंदेशा रहता है। लेकिन जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जैनाबाद के पास बुरहानपुर-अमरावती रोड किनारे पहले गिट्टी खदान थी। यह खदान 2 साल पहले बंद हो चुकी है। यहां बड़े गड्ढे में पानी भरा है। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। मजदूरों सहित अन्य लोगों की यहां से आवाजाही हो रही है। सबसे अधिक खतरा बच्चों को है। आसपास के बच्चे खदान के आसपास खेल रहे हैं। किनारे खड़े होकर यहां भरे पानी में पत्थर फेंक रहे हैं। इससे हादसे का अंदेशा है। खदान बंद होने के बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं।
2014 में डूबने से तीन बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने गिट्टी खदान संचालकों को खदान के आसपास तार फेंसिंग करने और प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। लेकिन ये निर्देश भी हवा हो गए। कुछ गिट्टी खदान संचालकों ने प्रवेश निषेध के बाेर्ड लगाए लेकिन फेंसिंग के नाम पर लोहे के खंभे गाड़ दिए। इस बारे में खनिज अधिकारी अनिल नारनवरे ने कहा जैनाबाद के पास स्थित खदान 2 साल से बंद है। अन्य जगह बंद खदान नहीं है। जगह-जगह हुए गड्ढों पर कार्रवाई करना राजस्व विभाग का काम है।
जैनाबाद रोड पर गिट्टी खदान में पानी के पास खेलते बच्चे।