पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 11 हजार 913 में से 10 हजार 220 का निपटारा हुआ

11 हजार 913 में से 10 हजार 220 का निपटारा हुआ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शनिवार को जिला न्यायालय में लोक अदालत लगी। हजारों लोग सालों से चल रहे कोर्ट विवाद निपटाने की आस लेकर पहुंचे। कुछ मामले निपटने पर खुश हो गए। तो कुछ मामलों में निपटारा नहीं हो सकता। न्यायालय में कुल 11 हजार 913 प्रकरण आए। इसमें 10 हजार 220 का निपटारा हुआ। 1 से लेकर 9 खंडपीठ में 1 हजार 791 मामले निपटे। 10 से 18 खंडपीठ में 8 हजार 429 मामले निपटे। बैंक, नगर निगम, बिजली कंपनी, एलआईसी, चोरी, जमीन विवाद सहित अन्य प्रकरण में 5 करोड़ 31 लाख 64 हजार 206 रुपए जुर्माना वसूला। 1 से 18 खंडपीठ ने 2 करोड़ 11 लाख 10 हजार 985 रुपए वसूले।

जिला न्यायालय में लोक अदालत के दौरान स्वच्छ न्यायालय अभियान की भी शुरुअात की गई। इसमें लोगों को स्वच्छता संदेश दिया। कोर्ट में जगह-जगह कचरा जमा करने के लिए बास्केट रखे गए। अधिवक्ताओं ने डिस्पोजल, कागज बास्केट में डालने को कहा। कोर्ट के बाहर वन विभाग ने पौधे वितरित करने के लिए स्टाल लगाया। जिन पक्षों में समझौता हो गया। उन्हें विभिन्न पौधे वितरित किए गए।

लोक अदालत में हजारों मामले आए। लोक अदालत में सबसे अधिक मामले निपटाने वाले अधिवक्ताओं को न्याय मित्र अवार्ड दिया जाएगा। यह घोषणा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गई। दो दिन में पता चलेगा किस अधिवक्ता ने कितने मामले निपटाए। जिला सत्र न्यायाधीश आनंद मोहन खरे ने कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। उन्होंने कहा लोक अदालत की सफलता अधिवक्ताओं के सहयोग के बिना संभव नहीं है। लोक अदालत में राजीनामा होने से विवाद खत्म हो जाते है। कोर्ट अगर फैसला देती है तो विवाद खत्म नहीं होता है। एक पक्ष जीतता है, दूसरा हारता है। यह विवाद अगली पीढ़ी तक जाता है। कार्यक्रम का संचालन अपर सत्र न्यायाधीश वैभव मंडलोई ने किया।

सबसे अधिक मामले निपटाने वाले अधिवक्ताओं को मिलेगा न्याय मित्र अवार्ड

लोक अदालत समझौते के लिए भारी मात्रा में लोग पहुंचे।