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दलाल खेतों से खरीद रहे मक्का महाराष्ट्र और गुजरात में बेच रहे

5 वर्ष पहले
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जिले के खेतों से दलाल मक्का खरीदकर सीधे महाराष्ट्र और गुजरात के व्यापारियों को बेच रहे हैं। यह गोरखधंधा महाराष्ट्र की सीमा से सटे गांवों में अधिक सक्रिय हैं। दलालों ने मक्का खरीदी के लिए बाकायदा खेतों में अस्थायी गोदाम बना रखे हैं। कमाई की लालच में जिले के कई लोग भी महाराष्ट्र और गुजरात के व्यापारियों के लिए यह दलाली कर रहे हैं। मंडी प्रशासन को भी इसकी खबर है। लेकिन रोजाना 1.75 लाख रुपए का नुकसान झेलने के बाद भी इन दलालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

जिले में इस साल 8500 हेक्टेयर में मक्का की बोवनी हुई है। यह रकबा पिछले साल से 1500 हेक्टेयर अधिक है। फसल पककर तैयार है। इस साल 59500 टन उत्पादन का लक्ष्य है। 1 फरवरी से अधिकांश खेतों में फसल कटाई शुरू हो गई है। इससे पहले ही महाराष्ट्र और गुजरात के व्यापारियों के दलाल गांवों में सक्रिय हो गए हैं। जिले से इन दो राज्यों में रोज 6-7 हजार बोरी मक्का पहुंचाया जा रहा है। इससे 1.75 लाख रुपए की मंडी टैक्स की चोरी हो रही है। जिले के इक्का-दुक्का व्यापारी भी इस दलाली में लगे हैं।

दलालों को मिल रहे प्रति बोरी 10 रुपए-बाहरी राज्य के व्यापारी दलालों को प्रति बोरी 10 रुपए दे रहे हैं। रोज 7 हजार से अधिक बोरी मक्का की आवक हो रही है। इस मान से दलाल रोज 70 हजार रुपए तक कमा रहे हैं।

ऐसे चल रहा पूरा खेल
ए से बी ग्रेड में पहुंची मंडी
नियम विरुद्ध खरीदी करने पर वसूलेंगे 5 गुना शुल्क
कुछ व्यापारी खेतों से मक्का खरीद रहे हैं। उनके लिए उड़नदस्ता तैनात किया है। उड़नदस्ता उनसे मंडी शुल्क वसूल रहा है। नियम के विरुद्ध कोई खरीदी करेगा तो उससे पांच गुना शुल्क वसूल करेंगे। - केआर पगारे, सचिव कृषि उपज मंडी

एमडी और डिप्टी डायरेक्टर से शिकायत की

शाहपुर से इच्छापुर तक गैर लायसेंसी और कुछ लायसेंसी मक्का खरीदकर महाराष्ट्र और गुजरात में बेच रहे हैं। परसो व्यापारियों ने गुजरात के ट्रक को पकड़ा था। इसके फोटो लेकर हमने अफसरों को भेजे हैं। लायसेंसधारी व्यापारी मंडी में हाथ धरे बैठे हैं। मंडी के डिप्टी डायरेक्टर प्रवीण वर्मा और एमडी अरुण पांडे को शिकायत की है। मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन देकर मंडी में लायसेंस जमा करेंगे। - गिरीश शाह, अध्यक्ष अनाज, दलहन, तिलहन थोक व्यापारी संघ बुरहानपुर

मंडी को मिलते हैं 25 रुपए प्रति बोरी
जिले में कुल 70 से अधिक लायसेंसी अनाज व्यापारी हैं। सीजन में व्यापारी 1400 रुपए प्रति क्विंटल तक मक्का खरीदते हैं। व्यापारी से मंडी को 25 रुपए प्रति बोरी का फायदा होता है। इसमें मंडी का टैक्स सहित अन्य शुल्क शामिल रहता है।

यहां हाईवे किनारे खेतों में बने गोदाम
शाहपुर, इच्छापुर, चापोरा, दापाेरा, बंभाड़ा, फोफनार, तुकईथड़, देड़तलाई, सीवल और धुलकोट में दलालों की सक्रियता बढ़ी है। शाहपुर से इच्छापुर बेरियर तक हाईवे किनारे खेतों में जगह-जगह छोटे-छोटे गोदाम बने हैं।

व्यापारियों की थ्रेशर मशीन के ड्राइवरों से सेटिंग है। व्यापारी और दलालों ने उन्हें अपने मोबाइल नंबर दे रखे हैं। जब भी मक्का फसल कटाई का आर्डर मिलता है ड्राइवर फोन कर दलालाें को खेत में बुला लेते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति ट्रॉली 100 रुपए मिल रहे हैं। जिले में थ्रेशर मशीन के ऐसे 50 से अधिक ड्राइवर सक्रिय हैं।

सीजन में हर साल रोज 50 से अधिक ट्रॉली मक्का मंडी पहुंचता था, लेकिन इस साल 5-7 ट्रॉली मक्का भी नहीं पहुंच रहा। मंडी में सन्नाटा पसरा है। अधिकांश व्यापारी भी मंडी में नहीं दिख रहे। आवक के मामले में बुरहानपुर मंडी को तीन साल पहले ए ग्रेड मिला था, लेकिन आवक घटने से अब यह बी ग्रेड पर आ गई है।

शाहपुर क्षेत्र के खेतों में दलाल सीधे किसानों से मक्का खरीद रहे हैं।

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