एक स्थान दो दृश्य
‘था पंछियाें का कलरव, कल-कल रवानी, अब खाने काे चारा न पीने को पानी
बुरहानपुर | ‘था पंछियाें का कलरव, कल-कल रवानी, अब खाने काे चारा ना पीने को पानी, बेजुबां आंखों में दर्द की कहानी...’ शहर की रेणुका झील में ऐसे ही हालात नजर आ रहे हैं। अप्रैल-मई में डबरों-सी नजर आने वाली झील आधे फरवरी में ही सूख चुकी है। दरारों भरी झील की प्यासी जमीन सूखे से हालात बयां कर रही है। इस साल कम बारिश और गर्मी के तेवर दिखाने से झील में जनवरी की शुरुआत से ही पानी कम होने लगा था। बावजूद इसके 23 जनवरी को झील में इतना पानी था कि यहां पशु-पक्षियों को चारा और पानी मिल रहा था, लेकिन 21 दिन में ही यह झील पूरी तरह सूख गई। शनिवार को अधिकतम तापमान 36, न्यूनतम 12 डिग्री रहा। पिछले साल 13 फरवरी को अधिकतम 30 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस था। फोटो- रिजवान खान