18 दशक बाद स्वामीनारायण भगवान मंदिर से निकले
सांई बाबा की पालकी निकाली, भक्ति गीतों पर झूमे
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर
सिलमपुरा स्थित मंदिर से 18 दशक बाद निकलकर भगवान स्वामीनारायण ने शनिवार को भक्तों को दर्शन दिए। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर उनका आशीष लिया। इस दौरान प्रमुख मार्ग प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों के स्वर लहरियों से गूंज उठे। श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर जमकर झूमे।
शनिवार शाम 5.30 बजे 10 ऊंट, घोड़े और बग्घी के साथ मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। विधिविधान से भगवान स्वामीनारायण की प्रतिमा को रथ में विराजित किया गया। शोभायात्रा के आगे-आगे श्रद्धालु मार्ग पर रंगोली सजाते चले। जगह-जगह फूल बरसाए तो बैंड की स्वर लहरियों ने भक्ति रस घोला। शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई शोभायात्रा ताप्ती नदी के राजघाट पहुंची। यहां से सूर्यपुत्री ताप्ती नदी का जल लेकर शोभायात्रा पांडुमल चौराहा होती हुई पुन: मंदिर पहुंची। बग्घी में वड़ताल और बुरहानपुर के संत, ब्रह्मचारी विराजित होकर चले। डेढ़ हजार भक्त पीले-सफेद वस्त्रों में सजे-धजे शाेभायात्रा मेंं शामिल हुए। ट्रैक्टर-ट्रॉली में प्रभु की झांकी सजाई गई। जनप्रतिनिधियों सहित सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। रविवार को भगवान हरिकृष्ण महाराज का 147वां पाटोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 6 बजे प्रभु का 501 लीटर दूध, ताप्ती नदी के जल और पंच तत्व से महाअभिषेक किया जाएगा। नगाड़ों के साथ विधिवत केसरिया स्नान कराया जाएगा। महाआरती के बाद बाद प्रभु को 56 भोग लगाए जाएंगे। स्वर्ण सिंहासन महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को रामचरित मानस कथा का पारायण हुआ। इसमें शास्त्री सरजूदासजी ने कहा भगवान को देखने का नजरिया चाहिए। जो जिस नजरिए से देखता है भगवान उसे उसी रूप में दिखाई देते हैं। कोई जितना साधारण रहता है वह उतना ही बड़ा महापुरूष बनता है। इस दौरान महिलाएं भक्ति गीतों पर झूम उठीं।
185 साल बाद घनश्याम महाराज ने मंदिर से निकलकर भक्तों को दर्शन दिए।शोभ्रायात्रा में समाजजनों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
बुरहानपुर | राजघाट स्थित सांई बाबा मंदिर की पांचवीं स्थापना वर्षगांठ शनिवार को भक्ति भाव से मनाई गई। इस दौरान मंदिर से पालकी यात्रा निकाली गई। शनिवार शाम 5 बजे मंदिर से डीजे की धुन पर थिरकते हुए श्रद्धालुओं ने पालकी निकाली। पालकी यात्रा अग्रसेन चौराहा, पांडुमल चौराहा, कमल तिराहा, गांधी चौक, फव्वारा चौक, शनि मंदिर होती हुई पुन: सांई मंदिर पहुंची। महिलाओं ने सांई बाबा के भजन गाए। रात 8 बजे मंदिर में महाआरती की गई। रविवार दोपहर 12 बजे से यहां महाप्रसादी वितरण किया जाएगा। पार्षद पति मुकेशसिंह चौहान, समिति के संतोष अहिरे, चंद्रकांत इंगले, रमेश इंगले, संजय अहिरे सहित श्रद्धालुओं को इसमें सहयोग रहा।