दुष्कृत्य के आरोपी को 8 साल की सजा
द्वितीयअपर सत्र न्यायाधीश शशिकांता वैश्य की अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को 8 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 15 नवंबर 2013 को 13 वर्षीय किशोरी के पिता ने थाना बकस्वाहा में सूचना दी कि उसकी बेटी बकस्वाहा के बाजार गई थी। वह वापस घर नहीं लौटी है। थाना बकस्वाहा ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने किशोरी के मिलने पर उससे पूछताछ की। किशोरी ने पुलिस को बताया कि आरोपी महेंद्र अहिरवार ने उसे फोन लगाकर बुलाया था। आरोपी किशोरी को शादी का झांसा देकर दमोह ले गया था।
उसने जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ डेढ़ माह तक दुष्कृत्य किया। थाना बकस्वाहा ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।
इस पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांता वैश्य की अदालत ने आरोपी महेंद्र को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 में 8 वर्ष की कठोर कैद और 5 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी। इसके साथ धारा 8 में पांच साल की कैद के साथ 5 जुर्माना की सजा दी।