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फर्जी दस्तावेजों पर सभी जिलों में नौकरी कर रहे लाइन परिचारक
बिजली कंपनी में नियुक्ति घोटाला
सागर| मप्रपूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर में लाइन परिचारकों की भर्ती के दौरान भारी गड़बड़ी सामने रही है। बुंदेलखंड के पांचों जिलों में पदस्थ करीब डेढ़ दर्जन लाइन परिचारकों के दस्तावेज फर्जी निकले हैं। हालांकि मामला अभी जांच में होने के कारण अधिकारी स्पष्ट रूप से खुलासा करने से बच रहे हैं। बिजली कंपनी के जबलपुर मुख्यालय से साल 2011-12 में करीब चार संभागों में संविदा आधार पर लाइन परिचारकों की बड़े पैमाने पर भर्ती की गई थी। ढाई साल बाद इस भर्ती में गड़बड़ी उजागर हो रही है। संभाग के सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ पन्ना जिलों में पदस्थ लाइन परिचारकों में से डेढ़ दर्जन से अधिक के आईटीआई के डिप्लोमा फर्जी पाए गए हैं। सागर दमोह में एक-एक लाइन परिचारक को बर्खास्त भी किया जा चुका है।
दोमहीने पहले हुई थी कार्रवाई : बिजलीकंपनी के चीफ इंजीनियर कार्यालय से करीब दो महीने पहले दमोह के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को एक लाइन परिचारक का आईटीआई का डिप्लोमा फर्जी पाए जाने की जानकारी भेजी गई थी। दमोह एसई द्वारा संबंधित संविदा लाइन परिचारक की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए जा चुके हैं। सागर में भी 19 सितंबर को सीहोरा में पदस्थ संविदा लाइन परिचारक गोविंद तंतुवाय को बर्खास्त किया जा चुका है। बिजली विभाग सागर के सेक्शन ऑफिसर एसएस ठाकुर के अनुसार संविदा लाइन परिचारकों में करीब 165 के दस्तावेज सत्यापन के लिए भेजे गए थे। इनमें से जो 15 संदिग्ध पाए गए हैं उनमें सागर सहित संभाग के छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह के लाइन परिचारक भी शामिल हैं।