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अस्पताल में मौत से भड़के परिजन

7 वर्ष पहले
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जिलाअस्पताल छतरपुर में रविवार की सुबह सीढ़ी से गिरने से घायल हुए एक वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध को समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजन भड़क उठे। उन्होंने डाक्टर से बदसलूकी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने आकस्मिक ओपीडी परिसर में बने कांच के एक केविन को भी तोड़ दिया। घटना के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में किया।

पुलिस लाइन क्षेत्र के पास हरीचरण कुशवाहा 70 घर पर ही सीढ़ी की मदद से पेड़ पर चढ़ रहा था। तभी सीढ़ी खिसक गई। इस कारण वह सीढ़ी सहित गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल घायल वृद्ध को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी ड्यूटी में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। पूरे अस्पताल में परिजनों ने डाक्टर को तलाशा पर कोई नहीं मिला। इससे लोग गुस्से में गए। इसी दौरान मौके पर सिविल सर्जन डा. आरएस त्रिपाठी पहुंच गए। उन्होंने मरीज को देखा और ओटी में शिफ्ट कराने को कहा। ओटी में सिविल सर्जन के साथ ही डा. आरबी गुप्ता ने भी मरीज को बचाने की कोशिश की। लेकिन वे उसे नहीं बचा सके। इस कारण उन्होंने मरीज को मृत घोषित कर दिया। इस पर घायल के परिजन भड़क उठे उन्होंने डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों से बदसलूकी कर दी।

कुछ लोगों ने तोड़ फोड़ भी शुरू कर दी। इस तोड़ फोड़ में इमरजेंसी ओपीडी परिसर में बना मे आई हेल्प यू केविन का कांच टूट गया। घटना की खबर लगते हुए अस्पताल चौकी के साथ ही पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाइश देकर हालात को काबू में कर लिया। इससे डाक्टर और कर्मचारियों के साथ कोई मारपीट नहीं कर सका।

जिला अस्पताल की आकस्मिक आेपीडी के एक केविन का कांच टूट गया है।

छतरपुर जिला अस्पताल में तोड़ फोड़ के दौरान मौजूद लोग

डाॅक्टर बोले ब्रेन डेड था घायल

इससंबंध में सिविल सर्जन डा. आरएस त्रिपाठी का कहना है कि रविवार को उनका अवकाश था। वे सुबह घूमने निकले थे। घूमते हुए अस्पताल पहुंच गए थे। डा. त्रिपाठी ने बताया कि घायल वृद्ध की हालात बहुत खराब थी। परिजन उसे ब्रेन डेड की स्थिति में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने डा. आरबी गुप्ता के साथ मरीज को बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन हालात बहुत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। डा. त्रिपाठी का कहना है कि मौत के कारण लोग आक