251 श्रद्धालुओं ने किया सुंदरकांड
सूर्पणखा की कटी नाक
शहरके प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हनुमान टौरिया मंदिर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का अनूठा आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ सुंदरकांड का पाठ किया। यहां हनुमान टौरिया सेवा समिति के स्व. जगदीश भार्गव की स्मृति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर यहां स्वास्थ्य संबंधी जांचों का निशुल्क शिविर भी आयोजित किया गया। हनुमान टौरिया सेवा समिति और पदचिन्ह संस्था के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व कल्यार्थ सामूहिक सुंदकांड पाठ से किया गया। यहां 251 लोगों ने एक साथ बैठ कर सुंदरकांड का पाठ किया। मंच से संगीतमय ढंग से प्रमोद तिवारी और शशि असाटी ने सुंदरकांड प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण कर दिया। इस मौके पर चित्रकूट से आए श्री 1008 रामहृदय दास महाराज और हनुमान टौरिया रावतन ट्रस्ट के अध्यक्ष जयदेव चंसौरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुंदरकांड पाठ के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। इसके अलावा दिन के समय यहां नि:शुल्क जांच शिविर भी लगाया गया। इसमें राधेश्याम सोनी, अनुपम श्रीवास्तव ने विभिन्न पैथालाजी जांचे की। इस प्रकार तीन दिन से आयोजित इस कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम के दौरान भगवान की आरती करते श्रद्धालु
छतरपुर के हनुमान टौरिया मंदिर परिसर में सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया गया।
छतरपुर| गल्लामंडीस्थित श्रीरामचरित मानस प्रांगण में श्री अन्नपूर्णा रामलीला के कलाकारों ने ग्यारहवें दिन की लीला का आकर्षक मंचन किया। 11 वें दिन की लीला में सूपर्णखा नासिक, खर-दूषण, त्रिसरा महाबली राक्षसों का संहार, सीता हरण, रावण जटायु युद्ध का मंचन प्रमुख रहा। रामचरित मानस आधारित रामलीला के मंचन के ग्यारहवें दिन जब भगवान राम अपने अनुज लक्ष्मण और प|ि सीता के साथ पंचवटी आश्रम में विश्राम कर रहे होते हैं तभी लंकापति रावण की बहन सूर्पणखा वहां तक पहुंच जाती है।
राम पर अत्यधिक मोहित सूपर्णखा एक सुंदर नारी का वेश रखकर उनके पास पहुंचती है और उनके समक्ष शादी का प्रस्ताव रखती है। भगवान राम उसे परिहास रूप में लक्ष्मण की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि मैं विवाहित हूं और एक प|ि धर्मपालक भी हूं। मेरे बगल में बैठे उनके अनुज से जाकर विनय करों शायद तुम्हारी बात बन जाए। लक्ष्मण के पास पहुंची सूर्पणखा ने उनको विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया। लक्