अधिकारी पहुंचे लेकिन नहीं आए विशेषज्ञ
फिर नहीं हो सकी तालाब के फुल टैंक लेबल की माप, अतिक्रमण हटाने के लिए एनजीटी के आदेश का पालन करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम, विशेषज्ञ ही नहीं आए
भास्करसंवाददाता| छतरपुर
शहरके सबसे चर्चित किशोर सागर तालाब के अतिक्रमण को हटाने के लिए चल रही कवायद सोमवार को भी अधूरी रह गई। यहां पर राजस्व विभाग की टीम तो छानबीन करने के लिए गई, लेकिन तालाब का फुल टैंक लेबल मापने के लिए बुलाए गए विशेषज्ञ मौके पर नहीं आए। मौके पर पहुंचे अधिकारी काफी देर तक विशेषज्ञों का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकारियों के लिखित आदेश नहीं मिलने की बात कहते हुए विशेषज्ञों ने यहां पर माप करने से इनकार कर दिया। मंगलवार अर्थात 30 सितंबर तक का समय तालाब का एफटीएल निर्धारित करने के लिए रखा गया था। अब मंगलवार को फिर से इस प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास होगा।
दरअसल किशोर सागर तालाब का अतिक्रमण हटाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा आदेश जारी किया गया है। यहां पर तालाब के फुट टैंक लेबिल को तय करके इससे 9 और 10 मीटर की दूरी तक की सभी संरचनाओं को अतिक्रमण मानकर हटाने के आदेश भी दिए गए हैं। इस कार्रवाई के लिए कलेक्टर को अधिकृत किया गया था। कलेक्टर डाॅ. मसूद अख्तर ने इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए एक कमेटी बनाई। इसमें अध्यक्ष के रूप में एसडीएम डीपी द्विवेदी को नियुक्त किया गया। तालाब के एफटीएल को निर्धारित करने के लिए कई बार कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन उसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। इस काम को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक का समय भी निर्धारित कर लियसा गया। इसके तहत सोमवार की दोपहर में राजस्व विभाग की टीम किशोर सागर तालाब पहुंची। यहां पर जलसंसाधन विभाग की ओर से एफटीएल मापने के लिए विशेषज्ञों को आना था, लेकिन नहीं आए। इसके कारण मायूस होकर राजस्व विभाग की टीम वापस चली गई।
विशेषज्ञोंके निर्देशन में होना है माप
यहांपर पहले सदर पटवारी जुगल पटेल, बगौता पटवारी पन्नालाल राजपूत, देरी पटवारी हरियां अहिरवार पहुंचे। कुछ देर बाद नजूल पटवारी, आरआई भी गए। यहां पर सिंचाई विभाग से एक कर्मचारी आया। इस कर्मचारी ने एसडीओ एमके रूसिया के आने पर ही एफटीएल मापने की कार्रवाई संभव होने की बात कही। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी तहसीलदार विनय द्विवेदी को दी। इसके बाद पहुंचे तहसीलदार श्री द्विवेदी ने श्