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एड्स के प्रति लोगों को जागरुक किया

6 वर्ष पहले
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ग्रामसादनी में आयोजित किए जा रहे एनएसएस शिविर के चौथे दिन एड्स के संबंध में लोगों को जानकारी दी गई। इस दौरान महिलाओं और युवतिओं का एचआईवी परीक्षण भी किया गया। कार्यक्रम अधिकारी कुसुम कश्यप ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला एड्स समिति के नोडल अधिकारी डाॅ. वीएस बाजपेई मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डा वीएस बाजपेई ने कहा कि एड्स तीन कारणों से फैलता है। इससे सुरक्षा ही इसका बचने का एक मात्र साधन है। एड्स ऐसी बीमारी है जिसका अभी तक कोई ठोस इलाज संभव नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि एड्स दूषित सुई या सेरेंज के इस्तेमाल से, असुरक्षित यौन संबंध बनाने से और गर्भवती महिला के बच्चे को यह बीमारी हो सकती है। इन तीनों कामों को पूरी समझदारी और सावधानी के साथ करना है। एड्स होने वाले रोगी से दूर ना रहे और उन्हें अपना पन दिखाए। एड्स के मरीज के साथ घूमने, फिरने या उठने बैठने से यह बीमारी नहीं फैलती है। सभी लोग एड्स से पीड़ित रोगी के साथ सामान्य लोगों की तरह ही व्यवहार करें। शिविर में 17 युवतियों और 22 महिलाओं का एचआईवी टेस्ट किया जाएगा।

युवतियांआत्म निर्भर बनने सीख रही कराते - कार्यक्रमअधिकारी कुसुम कश्यप ने बताया कि गांव में 13 से 17 साल की युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने प्रतिदिन जूडो कराते विशेषज्ञ द्वारा ट्रेंनिग कराई जा रही है। ताकि सभी युवतियां अपनी रक्षा स्वयं कर सके। कराटे विशेषज्ञ दानीश अहमद ने बताया कि उनकी इस स्पेशल कराते क्लास में रोज 55 से 70 युवतियां शामिल हो रही है और करीब 7 दिनों तक लगातार छात्रों को कराते सिखाने प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिदिन शिविर में कार्यक्रम के समाप्त होने से पहले और उसके बाद एक एक घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे गांव युवतियां अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही है।

आयोजन

शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए कराते क्लासेस का आयोजन किया जा रहा है।