- Hindi News
- सीएमएचओ ने लिया चार्ज, डॉ. चतुर्वेदी छुट्टी पर
सीएमएचओ ने लिया चार्ज, डॉ. चतुर्वेदी छुट्टी पर
मप्रशासन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ग्वालियर में पदस्थ रहे डॉ. विनोद कुमार गुप्ता को छतरपुर सीएमएचओ पद पर स्थानांतरित किया गया। स्थानांतरण के बाद डॉ. विनोद गुप्ता गुरुवार को ज्वाइन करने आफिस पहुंचे लेकिन पूर्व सीएमएचओ डॉ. केके चतुर्वेदी इसके पहले ही अवकाश पर चले गए। इस पर डॉ. गुप्ता ने एक पक्षीय प्रभार ले लिया।
ग्वालियर में पदस्थ रहे क्षय अधिकारी डॉ. विनोद कुमार गुप्ता ने गुरुवार की दोपहर सीएमएचओ आफिस पहुंचकर चार्ज ले लिया। वर्ष 2000 से 2014 तक ग्वालियर में पदस्थ रहे डॉ. गुप्ता को वर्ष 2008 में शासन द्वारा अधीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया था। ग्वालियर जिला के डबरा निवासी डॉ. विनोद गुप्ता ने ज्वाइन करने के बाद बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना हैं। शासन की योजनाओं का लाभ लोगों को मिले इसके लिए वे भरसक प्रयास करेंगे। जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं बेहतर रहें इसके लिए वे सभी का सहयोग लेंगे।
डा. विनोद गुप्ता
सीएमएचओ ने एकपक्षीय चार्ज िलया
सीएमएचओ डॉ. विनोद कुमार गुप्ता को चार्ज लेने में ही मशक्कत करना पड़ी। पूर्व सीएमएचओ डॉ. केके चतुर्वेदी चार्ज देने के पहले ही अवकाश पर चले गए। ऐसे में डॉ. गुप्ता जब चार्ज लेने पहुंचे तो सीएमएचओ आफिस के कर्मचारियों ने डॉ. केके चतुर्वेदी का अवकाश आवेदन पकड़ा दिया। इस पर डॉ. गुप्ता ने एक पक्षीय चार्ज ले लिया। इसके बाद उन्होंने सबसे पहले डॉ. केके चतुर्वेदी का जिला अस्पताल के लिए रिलीविंग आदेश बनाया। शासन ने डॉ. चतुर्वेदी को सीएमएचओ पद से हटाकर जिला अस्पताल में पदस्थ किया है।
रेडक्रासके कर्मचारी एसएनसीयू भेजे
डॉ.केके चतुर्वेदी ने सीएमएचओ पद से हटने के पहले रेडक्रास में काम कर रहे कर्मचारियों को एसएनसीयू में पदस्थ कर दिया। इनमें रेडक्रास में पदस्थ रहे वार्ड बॉय सुखदीन कुशवाहा को एसएनसीयू में वार्ड बॉय पद पर पदस्थ किया है। जबकि एसएनसीयू में वार्ड बॉय का कोई भी पद स्वीकृत नहीं है। यहां केवल वार्ड आया के ही पद स्वीकृत हैं। इसी प्रकार रेडक्रास की ही कर्मचारी फेमिदा खातून को भी एसएनसीयू में पदस्थ कर दिया है। इसके पहले वे शायरा बानो और उर्मिला साहू को भी रेडक्रास से एसएनसीयू में पदस्थ कर चुके हैं। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. विनोद कुमार गुप्ता का कहना है कि अगर गलत ढंग से नियुक्तियां की गई हैं तो इसकी जांच क