भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन जारी
जनपदक्षेत्र की ग्राम पंचायत गौरगांय में हुए भ्रष्टाचार, मनमानी के खिलाफ महेश रिछारिया जिला पंचायत के सामने अनशन पर बैठे हुए हैं। उनका अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान तो कोई अधिकारी उनकी समस्या जानने पहुंचा और ही अब तक उनका वजन लिया गया।
ग्राम पंचायत गौरगांय में सरपंच और पूर्व सरपंच द्वारा मनरेगा के कामों में गड़बड़ी की गई। इसमें मृत और मानसिक विक्षिप्त लोगों को मजदूरी करते हुए मस्टर में दर्शाया गया। यहां बास्केट बाल ग्राउंड के नाम पर सरकारी राशि का आहरण किया गया लेकिन ग्राउंड का निर्माण अब तक नहीं हुआ। सरपंच और सचिव द्वारा की गई वित्तीय गड़बड़ी के चलते प्रशासन ने रिकार्ड में तो एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे दिया लेकिन अब तक इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इन तमाम समस्याओं को लेकर गावं के महेश रिछारिया द्वारा जन सुनवाई में करीब एक दर्जन बार शिकायत की गई। इन शिकायतों का निराकरण होने के कारण महेश रिछारिया द्वारा शासन को सूचना देकर बुधवार से जिला पंचायत के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। गुरुवार को अनशन का दूसरा दिन रहा। 24 घंटे से अधिक समय होने के बाद भी अनशन स्थल पर शासन की ओर से कोई नहीं पहुंचा। महेश रिछारिया के समर्थन में गौरगांय गांव के कई लोग बुधवार की रात और गुरुवार को दिन में अनशन स्थल पर बैठे रहे।
अवैधानिकअनशन समाप्त कराया जाए
महेशरिछारिया द्वारा किए जा रहे अनशन के विरुद्ध सरपंच चतुरेश श्रीवास के नेतृत्व में गुरुवार को गांव के लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि महेश रिछारिया सरपंच विरोधी लोगों को अपने साथ लेकर अवैधानिक ढंग से अनशन कर रहे हैं। उनके द्वारा जो शिकायतें की गईं थीं उनका निराकरण जनपद और जिला पंचायत द्वारा कराया जा चुका है। उनकी अधिकांश शिकायतें झूठी पाईं गईं। वे सरपंच द्वारा कराए जा रहे कार्यों में बाधा डालना चाहते हैं इस कारण शिकायतें करते हैं। महेश रिछारिया ने सरपंच का चुनाव लड़ा था। वे हार गए थे। इससे वे चतुरेश श्रीवास ने बुराई मानते हैं। ऐसे में उनका अवैधानिक अनशन समाप्त कराया जाए।
छतरपुर। अनशन पर बैठे महेश रिछारिया और गाैरगांय गांव के लोग।