जिला अस्पताल में हुई मरीज की झाड़फूंक
जिलाअस्पताल में शनिवार को मेल वार्ड में नशा करने वाले युवक को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। जब युवक को दवाओं का असर नहीं हुआ तो दूसरे दिन युवक के परिजनों ने अस्पताल में ही आेझा को बुलाकर युवक की छाड़फूंक करा दी। हालांकि इसके बाद भी युवक की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
दरअसल निवारी के रहने वाले 18 साल के हरिश्चंद्र आदीवासी को जिला अस्पताल में नशा नहीं देने पर उसकी हालत बिगड़ने से भर्ती कराया गया है। सीनियर डा. एसके दीक्षित की देखरेख में पीड़ित का इलाज चल रहा है। पिता मथुरा आदीवासी ने बताया कि उसका बेटा करीब एक साल पहले काम की तलाश में राजस्थान गया था। काम मिलने पर वह वहीं रहने लगा। एक साल बाद जब वह घर आया तो परिजनों ने देखा कि वह तरह-तरह के नशीले पदार्थों का सेवन करने लगा है।
परिजनों ने युवक का नशा छुड़ाने के लिए उसे घर में बंद कर दिया। लेकिन तीन दिन बंद होने के बाद भी उसने नशीले पदार्थ की मांग बंद नहीं की। उल्टा नशा बंद किया तो उसने खाना पीना बंद कर दिया। और घर में अजीब तरह की हरकतें करने लगा। घर वालों को उसके इलाज के लिए ओझा से उसकी झाड़फूंक कराई। सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे अस्पताल में ले आए।
यहां एक दिन इलाज के बाद हरिश्चंद्र की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने दोबारा अस्पताल में ही युवक की झाड़फूंक कराई। युवक अपने घर में इकलौता है। इससे हरिश्चंद्र के परिजन उसके इलाज के लिए काफी परेशान है। नशा छुड़ाने के बाद वह तरह तरह की हरकतें करता है जिससे सभी लोग हैरान है। युवक के ठीक नहीं होने से उनके परिजन मायूस है उन्हें अब यह समझ में नहीं रहा कि युवक को अब इलाज के लिए कहा ले जाए जिससे वह पूरी तरह ठीक हो सके।
छतरपुर हरिश्चन्द्र आदिवासी अस्पताल में भर्ती है