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पीएमटी फर्जीवाड़ा में 4 को जेल भेजा

6 वर्ष पहले
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{दूसरे अभ्यर्थियों के नाम से वर्ष 2006 में परीक्षा में बैठे थे आरोपी

{दलाल भी पकड़े गए

भास्करसंवाददाता | छतरपुर

प्रदेशमें उजागर हुए पीएमटी फर्जीवाड़ा में जिले के सिविल लाइन थाने में भी कुछ प्रकरण दर्ज थे। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। छतरपुर एसआईटी-एसटीएफ द्वारा इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

वर्ष 2006 में पीएमटी परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने के मामले की विवेचना के बाद एसआईटी ने डॉ. कृष्ण कुमार यादव पिता रामसुरेश यादव निवासी बैड़ारी थाना कलबारी जिला बस्ती उप्र को पकड़ा। इस पर आरोप है कि इसने वर्ष 2006 में एक अन्य डॉ. पवन राजपूत के माध्यम से डेढ़ लाख रुपए में बात करके आरोपी छात्र अजय सिंह राजपूत के स्थान पर पीएमटी की परीक्षा छतरपुर में दी थी। पकड़े जाने पर अजय सिंह के नाम पर ही फर्जी तरीके से गिरफ्तार हुआ था। इसी तरह से डा. मिथलेश पिता मणीलाल निवासी नंदना थाना अतरोलिया आजमगढ़ उप्र पर आरोप है कि इसने वर्ष 2006 में आरोपी छात्र अविनाश राव के लिए 3 लाख रुपए के लेनदेन की बात करके दलाल की भूमिका निभाई थी। वहीं जगदीश सिंह पिता रूप सिंह राजपूत निवासी ग्राम जनकपुर थाना गौरझामर जिला सागर मप्र ने अपने बेटे देवराज सिंह के लिए वर्ष-2006 में फर्जी तरीके से डॉ. बनाने के लिए 3 लाख रुपए में रैकेटियर के माध्यम से स्कोरर की व्यवस्था कर परीक्षा दिलाई थी। इसी तरह से डॉ. बृजलाल पिता विसर्जन निवासी खेवसीपुर जिला आजमगढ़ उप्र वर्ष 2006 में डॉ. पवन राजपूत के माध्यम से एक लाख रुपए में बात करके आरोपी छात्र भगत सिंह राजपूत को फर्जी तरीके से डॉक्टर बनाने के लिए भगत सिंह के स्थांन पर पीएमटी की परीक्षा में बैठा था। आरोपीगणों पर पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार द्वारा 5-5 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला छतरपुर में गठित एसआईटी के प्रभारी एएसपी नीरज पांडे और एसटीएफ के नोडल अधिकारी धर्मेंद्र शिवहरे के निर्देशन में पुलिस टीमों द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पीएमटी फर्जीवाड़ा में पकड़े गए चार आरोपी, पुलिस ने सभी आरोपियों से थाना सिविल लाइन में पूछताछ की।