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कथा में पहले दिन बताया उपासना का महत्व

6 वर्ष पहले
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चांदला पहाड़ पर हुआ भंडारा

सागर रोड पर चल रही भागवत कथा पहले दिन कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इसके दूसरे दिन से कथा शुरू हो गई है। शनिवार को अयोध्या से पं रामजी महाराज ने श्रद्धालुओं को उपासना के भौतिक महत्व और इसके लाभ के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि उपासना से एक तो भगवान की अराधना होती है। इससे मनुष्य की आस्था बंधी होती है कि उसे भगवान की अराधना से उसकी मुराद पूरी होगी। इसके अलावा उपास करने से शरीर में कम मात्रा में खाना होता है इससे पेट के विकार संबंधी अन्य रोगों ठीक होने में सहायता मिलती है। इसके बाद उन्होंने धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि सच्चा धर्म एक भूखे को पेट भर भोजन कराना, दुखी और गरीब की सहायता करना है। धर्म केवल भक्ति नहीं वास्तव में धर्म का मतलब सेवा करना है।

ऐसा करने से मनुष्य को भक्ति से ज्यादा पुण्य मिलता है। प्रत्येक मनुष्य को अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए ऐसे धर्म का पालन करना चाहिए जो दूसरों की सहायता करता है। इससे सेवा करने वाले मनुष्य को अंदर से खुशी मिलती है।

रामनाम की महिमा सुनाई

पठापुरतिराहा पर चल रही भागवत कथा में शनिवार को वृंदावन से आए प. वल्लभाचार्य महाराजा ने रामनाम की महिमा की कथा सुनाते हुए सभी लोगों से भगवान का निरंतर चिंतन और ध्यान करने को कहा। उन्होंने कहा कि मनुष्य का शरीर नश्वर है। मिट्टी का बना हुआ है। और एक दिन मिट्टी में ही मिल जाना है। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं की भीड़ रही।

छतरपुर। पठापुर तिराहा पर मंदिर में चल रही भागवत कथा में महिलाओं की भीड़ रही।

सागर रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचन देते अयोध्या से आए रामजी महाराज।