जन सुनवाई के खिलाफ अनशन शुरू
- वित्तीय गड़बड़ी पर नहीं हो रही है कार्रवाई
भास्करसंवाददाता| छतरपुर
समस्याओंके निराकरण के लिए होने वाली जन सुनवाई में अब समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत गौरगांय में सरपंच-सचिव द्वारा की गई आर्थिक गड़बडिय़ों के खिलाफ इसी गांव के एक युवक द्वारा जन सुनवाई में कई शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन द्वारा निराकरण करने के कारण परेशान होकर युवक ने बुधवार से जिला पंचायत के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
गौरगांय के महेश रिछारिया ने जिला पंचायत के सामने बुधवार की दोपहर से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे महेश रिछारिया ने बताया कि उनकी पंचायत में सरपंच और सचिव द्वारा जमकर गड़बड़ी की गई है। इनके द्वारा मृत, मानसिक रूप से विक्षिप्त लोगों को मनरेगा में मजदूरी कराकर भुगतान देना दर्शाया है। इसकी शिकायत जनपद और जिला पंचायत के अधिकारियों से की गई, लेकिन उन्होंने जांच के नाम पर मात्र औपचारिकता की है। महेश ने बताया कि उनकी पंचायत की पूर्व सरपंच के खिलाफ 3 लाख 53 हजार 541 रुपए का गबन का मामला है। जनपद और जिला पंचायत ने रिकार्ड में तो ओरछा रोड थाने के लिए इस संबंध में पत्र लिखा है लेकिन एफआईआर इनके द्वारा अब तक नहीं कराई गई है। सरपंच और सचिव ने बास्केट बॉल खेल मैदान के नाम पर एक लाख 10 हजार 900 रुपए की राशि का गबन किया है लेकिन यह खेल मैदान नहीं बना है। इन समस्याओं के निराकरण के लिए महेश रिछारिया जन सुनवाई में एक दर्जन से अधिक बार आवेदन दे चुके हैं। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस लापरवाही से नाराज महेश रिछारिया ने अनशन शुरू कर दिया है।
दवाबमें है प्रशासन ?
महेशरिछारिया ने आमरण अनशन के पहले मंगलवार को एसडीएम को दिए शिकायती आवेदन में लिखा है कि उनके द्वारा जो शिकायतें की गई हैं। इसके लिए प्रशासन जांच के नाम पर खाना पूर्ति करता है। जब भी जांच टीम गांव पहुंचती है तो वह जांच नहीं करती। जांच अधिकारियों से जब पूछा जाता है कि जांच क्यों नहीं करते हैं तो इनका कहना होता है कि उन पर विधायक का दबाव है। महेश ने एसडीएम को दिए पत्र में लिखा है कि दबाव बनाने वाले विधायक के नाम का खुलाासा किया जाए।
छतरपुर जिला पंचायत के सामने आमरण अनशन शुरू हो गया है।