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दलालों ने की आरटीओ कर्मचारी से मारपीट

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके परिवहन विभाग में भले ही कई साल पहले एकल खिड़की व्यवस्था लागू कर दी गई हो लेकिन आरटीओ आफिस में दलालों का दबदबा कायम है। शहर के आरटीओ आफिस में दलाल इतने अधिक हावी हैं कि यहां रिकार्ड रूम में जाकर एक कर्मचारी के साथ लात-जूतों से सरेआम जमकर मारपीट कर दी। अब विभाग के अधिकारी इस दोषी दलालों को बचाने में लगे हुए हैं।

क्याहै मामला

आरटीओआफिस के रिकार्ड रूम में पदस्थ भृत्य संतोष रैकवार के साथ दलाल अख्तर खान उसके भाई दाऊ और पिता रज्जब अली ने लात-जूतों से पिटाई की। संतोष रैकवार ने बताया कि वह रिकार्ड रूम में कार्यरत है। बुधवार को दोपहर बाद दलाल अख्तर खान रिकार्ड रूम में आया और रिकार्ड से फाइलें ले जाने लगा। जब उसने मना किया तो कहने लगा कि मुझे यहां से रिकार्ड ले जाने से कोई नहीं रोक सकता है। संतोष ने कहा कि आरटीओ ने मना किया है। इस पर अख्तर भड़क गया और कहने लगा कि आरटीओ का बहुत खास बनता है। इसी दौरान उसका भाई दाऊ, आरटीओ में भृत्य पद पर पदस्थ पिता रज्जब अली गए और संतोष के साथ लात-जूता से जमकर मारपीट की। संतोष पिटता रहा और आफिस में सुरक्षा के लिए तैनात किए गए तीन होमगार्ड देखते रहे लेकिन किसी ने बचाने तक का प्रयास नहीं किया।

दोषियों को बचाने में लगे अधिकारी

दलालोंका दवाब आरटीओ आफिस में कितना अधिक है इसका अनुमान संतोष के साथ हुई मारपीट से लगाया जा सकता है। घटना के तुरंत बाद संतोष ने जानकारी आरटीओ अशोक बाबू कैबरे को दी। वे अवकाश पर होने के कारण उसने प्रभारी आरटीओ पीडी चतुर्वेदी को घटना के बारे में बताया लेकिन इन दोनों अधिकारियों द्वारा संतोष पर इस बात का दवाब बनाया जा रहा है कि मामले की रिपोर्ट पुलिस में करें। इस मामले में आरटीओ अशोक बाबू कैबरे का कहना है कि वे अवकाश पर हैं। सोमवार को लौटेंगे। लौटकर मामले की रिपोर्ट की जाएगी। वहीं प्रभारी आरटीओ पीडी चतुर्वेदी का कहना है कि जब घटना हुई वे आफिस में नहीं थे। उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है। आरटीओ के लौटने पर घटना रिपोर्ट की जाएगी।



रिकार्डरूम में कब्जा को लेकर हुआ विवाद

आरटीओमें पदस्थ कर्मचारियों ने बताया कि दलाल अख्तर का पिता रज्जब खान दो साल के लिए भृत्य पद पर दूसरे विभाग से डेपुटेशन पर यहां पदस्थ किया गया है। आरटीओ द्वारा उससे भृत्य का ही काम लिया जा रहा है। जबकि वह आफिस वर्क चाहता है। अधिकारियों और