पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तीन करोड़ की जमीन को सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज करने का आदेश

तीन करोड़ की जमीन को सरकारी रिकाॅर्ड में दर्ज करने का आदेश

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलामुख्यालय से लगे बगौता हल्का में साजिश रचकर 6 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया था। मामले की शिकायत पर एसडीएम छतरपुर ने जांच कराई।

जांच में रिकार्ड में हेराफेरी करके सरकारी जमीन को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रचना पाया गया है। इस पर एसडीएम ने जमीन को फिर से सरकारी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही तत्कालीन हल्का पटवारी सहित दो लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया। इस जमीन की वर्तमान में बाजार कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।

क्याथा मामला

बगौताहल्का के तहत खसरा नंबर 2154/9 और 2194/10 में 6 एकड़ से अधिक जमीन है। रिकार्ड में यह जमीन सन 1940 से 1999 तक सरकारी दर्ज रही। इस जमीन पर गांव के ही कुछ अनुसूचित जाति वर्ग के किसान खेती करते रहे।

खसरा में 1970 के बाद इन किसानों के नाम कब्जेदार के रूप में रिकार्ड में दर्ज हैं। इसके बाद जुलाई 1999 में इन खसरा नंबरों पर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के फर्जी तरीके से प्रेमनारायण पिता छक्की ब्राहम्ण का नाम भूमि स्वामी दर्ज कर दिया गया। इस दौरान बगौता में गणेश खरे पटवारी के रूप में पदस्थ थे।

तहसीलदार कराएंगे रिपोर्ट दर्ज

एसडीएमडीपी द्विवेदी ने बताया कि जांच में यह मामला साजिश करके रिकार्ड में हेराफेरी करने और सरकार को नुकसान पहुंचाना का खुलासा हुआ है। उन्होंने अपने आदेश में तहसीलदार को इन दोनों ही खसरा नंबरों को खसरा में सरकारी दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही प्रेमनारायण ब्राहम्ण और तत्कालीन पटवारी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई के लिए तहसीलदार को आदेशित किया है।