अन्य ब्लाॅक के अधिकारी करेंगे जांच
आश्वासन में अनशन समाप्त किया
भास्करसंवाददाता| छतरपुर
जनपदक्षेत्र की ग्राम पंचायत गौरगांय में हुए निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के साथ ही सरपंच और सचिव द्वारा मनमाने ढंग से किए गए काम के विरोध में गांव के महेश रिछारिया जिला पंचायत के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे। प्रशासन और जन प्रतिनिधियों द्वारा सभी गड़बडिय़ों की जांच कराए जाने के आश्वासन के बाद महेश रिछारिया ने अनशन समाप्त कर दिया।
ग्राम पंचायत गौरगांय में सरपंच और सचिव द्वारा मृत और मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों द्वारा मनरेगा में काम कराए जाने के फर्जी मस्टर तैयार करने, बास्केट बाल खेल मैदान निर्माण की राशि आहरित कर खेल मैदान बनाए जाने, मंदिर तक सड़क निर्माण कराने और राशि आहरित करने सहित पिछले कार्यकाल में आर्थिक गड़बडिय़ां सिद्ध होने पर शासन द्वारा एफआईआर के आदेश रिकार्ड में देने के बाद एफआईआर दर्ज कराने जैसे मुद्दों को लेकर गांव के ही महेश रिछारिया द्वारा जन सुनवाई में लगातार कई शिकायतें की गईं थीं। इसके बाद भी कार्रवाई होने पर महेश रिछारिया ने जिला पंचायत के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। वे चार दिन तक अनशन पर रहे। इधर जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम डीपी द्विवेदी द्वारा अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया गया। महेश रिछारिया द्वारा अपनी मांगों पर कार्रवाई के बगैर अनशन समाप्त करने के स्पष्ट बयान के बाद एसडीएम अपने साथ जनपद सीईओ जेडी अहिरवार, तहसीलदार विनय द्विवेदी को लेकर पहुंचे। एसडीएम ने महेश रिछारिया को आश्वासन दिया कि सभी लंबित मामलों की जांच अन्य ब्लाक के अधिकारियों से आठ दिवस के भीतर कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस दौरान अनशन स्थल पर पहुंचे सरपंच और सचिव ने हनुमान मंदिर तक सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए यहां निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया। इस पर महेश रिछारिया अनशन समाप्त करने को तैयार हुए। जनपद अध्यक्ष मनीषा यादव और एसडीएम डीपी द्विवेदी ने उनका अनशन समाप्त कराया।
छतरपुर। अनशन समाप्त कराते एसडीएम और जपं अध्यक्ष।