पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • श्रीराम ने किया ताड़का और मारीच का वध

श्रीराम ने किया ताड़का और मारीच का वध

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहरके गल्लामंडी में रामचरित मानस मैदान में चल रही रामलीला में ताड़का और मारीच वध का मंचन किया गया। रामलीला में राक्षसों द्वारा ऋषि-मुनियों के यज्ञ को नष्ट करके पूरी पृथ्वी पर अनाचार और अत्याचार बढ़ाया जा रहा था।

मुनि विश्वामित्र ने अयोध्या के राजा दशरथ के घर जन्मे भगवान राम और लक्ष्मण को आश्रम में लाने का निश्चय किया। वे दशरथ के दरबार में जाकर उनके पुत्र राम और लक्ष्मण को संतो के साथ हो रहे अत्याचार को समाप्त करने के लिए मांग लिया। राजा दशरथ राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र को देने से इंकार कर देते हैं। इस पर क्रोधित होकर विश्वामित्र राजा दशरथ को श्राप देने लगते हैं। इसी बीच दशरथ के गुरू वशिष्ट ने हस्तक्षेप करते हुए राजा दशरथ को समझाते हैं और राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजते हैं। राज-पाठ का मोह त्यागकर राम और लक्ष्मण दोनों भाई जंगल की ओर निकलते हैं।

दोनों भाई तपस्वियों के तप में खलल डालने आए असुरों का वध करना शुरू कर देते हैं। इसमें सबसे पहले ताड़का का वध किया गया। ताड़का वध के बाद मारीच और सुबाहू नाम के राक्षसों का राम और लक्ष्मण वध करते हैं। लीला में मारीच का अभिनय करने वाले करीम बख्श ने अपने किरदार से प्रभावित किया। वहीं ताड़का का अभिनय पिक्कू सोनी ने किया। दशरथ का अभिनय करने वाले अवध ताम्रकार ने अपने विलाप से उपस्थित दर्शकों की आंखों में भी आंसू ला दिए। भगवान राम का अभिनय सौरभ तिवारी और लक्ष्मण का किरदार आदर्श मिश्रा ने निभाया। इसके बाद लीला में सर्वप्रथम सीता जन्म का मंचन किया गया।

लक्ष्मण-परशुराम से संवाद आज

श्रीअन्नपूर्णा रामलीला में सोमवार को धनुष यज्ञ की लीला का मंचन किया जाएगा। इस दिन की लीला को आकर्षक बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों ने कई तरह की नई तकनीक का उपयोग किया है, जिसमें घूमता हुआ मंच लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेगा, आकाश मार्ग से पुष्पमालाओं का उतरना भी लोगों को आनंदित करेगा। इस दिन की लीला में नगरवासियों से उपस्थित होेने की अपील की गई है।

छतरपुर में रामलीला मंचन के दृश्य में प्रस्तुतियां देते कलाकार