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जिले में दो महीने में तैयार किए अस्पताल

6 वर्ष पहले
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करीब1300 वर्ग फीट के दायरे में प्री-फेब्रिकेटेड अस्पतालों का निर्माण कराया है। आरसीसी भवन की तुलना में इन भवनों में 10 प्रतिशत अधिक जगह मिलती है। ये भवन पूरी तरह से वाटर और फायर प्रूफ हैं। इसके अलावा हर मौसम के हिसाब से अनुकूल होने का दावा किया जा रहा है। एक भवन की लागत करीब 17 लाख रुपए आना बताई जा रही है। इन भवनों में दो बिस्तरीय रूम प्रसूताओं के लिए, दो एनएम के रहने के लिए रूम, लेबर रूम की सुविधा है।

भास्कर संवाददाता| छतरपुर

जिलाअस्पताल भवन का वर्क लोड कम करने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों के अस्पताल में ज्यादा से ज्यादा सुविधाओं का इजाफा किया जाएगा। जिले के दूसस्थ अंचलों में प्री फेब्रिकेटेड अस्पतालाें को निर्माण किया जा रहा है। अब तक 20 अस्पताल तैयार हो चुके हैं। इसके तहत केवल 2 महीने के कम समय में एक अस्पताल बनकर तैयार हो जाता है। यह तकनीकी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने में कारगर साबित हो रही है।

जिलेमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 प्री-फेब्रिकेटेट अस्पताल बनवाए गए हैं। ये प्री-फेब्रिकेटेट भवन महज 2 से 3 माह में भीतर बनकर तैयार हुए हैं। जबकि जिले में ही आरसीसी के उपस्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण कार्य 2 से 3 साल बाद भी निर्माणाधीन है। प्री-फेब्रिकेटेट भवनों की खासियत यह है कि ये हर मौसम के अनुकूल हैं। जिले में अस्पतालों की कमी है। ऐसे में इन अस्पताल भवनों के बनने से कुछ हद तक स्थानीय मरीजों को लाभ मिल सकेगा। मॉडल के तौर पर जिले में प्री-फेब्रिकेटेड अस्पतालों का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2012-13 में स्वीकृत हुए थे। जिले में सबसे अधिक प्री-फेब्रिकेटेड अस्पताल बड़ामलहरा ब्लाॅक में बनाए गए हैं। यहां पर उप-स्वास्थ्य केंद्रों की सबसे अधिक कमी थी।

किसब्लाॅक में कितने अस्पताल: एनआरएचएमके अंशुल खरे ने बताया कि जिले के ब्लाॅकों में से 6 ब्लाकों में ये प्री फेब्रिकेटेड सब सेंटर बनाए हैं। बड़ामलहरा ब्लाॅक के फुटवारी, बरेठी, सोरखी, चंदेली, सूरजपुरा खुर्द में यह अस्पताल बनाए गए हैं। बिजावर ब्लाक के गुलाट, जैतपुरा, पलकौहां और करिया नाला में उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए हैं। इसीप्रकार नौगांव ब्लाक के बड़ागांव, सिंहपुर, लवकुशनगर ब्लाॅक के रगौली में भी यह केंद्र बनाए गए हैं। राजनगर ब्लाक के खजवा, कुरैला, तेवड़ी और ईशानगर ब्लाॅक के सुकवां, सलैया, नंदगाय, सरानी, देरी में भी स्वास्थ्य केंद्र बन जाने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।

मिलेगीसुविधा

^जिलेमें20 प्री-फेब्रिकेटेट अस्पताल भवन बनाए गए हैं। अभी करीब 33 प्री फेब्रिकेटेड अस्पताल भी तैयार होने की उम्मीद है। इनके बन जाने से मामूली बीमारी के इलाज के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। ^डाॅ.विनोद कुमार गुप्ता, सीएमएचओ छतरपुर

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